18 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी गार्ड्स ने दो भारतीय जहाजों पर गोली चलाई. इसके बाद भारतीय नौसेना ने तुरंत एक्शन लिया और होर्मुज के पास सुरक्षा का जाल और मजबूत कर दिया. अब भारतीय झंडे वाले सभी जहाजों को नई चेतावनी दी गई है कि वे फारस की खाड़ी में फंसे रहकर लारक द्वीप के पास न जाएं.
सिर्फ नेवी की अनुमति मिलने पर ही आगे बढ़ें. भारतीय नौसेना सभी भारतीय जहाजों की सुरक्षा को सबसे पहले रख रही है. अभी 14 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं. होर्मुज पार करने का इंतजार कर रहे हैं. नौसेना इन जहाजों से लगातार संपर्क में है. उन्हें सुरक्षित रहने की सलाह दे रही है.
18 अप्रैल को दो भारतीय जहाज जग अर्णव और सन्मार हेराल्ड होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे थे. उसी दिन ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उन पर गोली चला दी. दोनों जहाजों को वापस लौटना पड़ा.
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ठीक उसी दिन भारतीय जहाज देश गरिमा ने होर्मुज पार कर लिया. अब देश गरिमा को भारतीय नौसेना अरब सागर में एस्कॉर्ट कर रही है. यह जहाज 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने वाला है. इस घटना के बाद भारतीय नौसेना ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि कोई और जहाज खतरे में न पड़े.
भारतीय नेवी ने सुरक्षा कैसे बढ़ाई?
भारतीय नेवी ने होर्मुज के पास सात युद्धपोत तैनात कर दिए हैं. ये जहाज फारस की खाड़ी के बहुत करीब हैं. जब कोई भारतीय जहाज होर्मुज पार कर लेता है तो ये युद्धपोत उसे आगे अरेबियन सी तक सुरक्षित एस्कॉर्ट करते हैं. सभी भारतीय जहाजों के लिए एडवाइजरी जारी हुई है.
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इसमें साफ कहा गया है कि लारक द्वीप से दूर रहें और बिना नौसेना की अनुमति के आगे न बढ़ें. इससे जहाजों की सुरक्षा 100 प्रतिशत सुनिश्चित हो सकेगी. नेवी के सूत्रों ने बताया कि सभी फंसे हुए जहाजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है.
अभी तक 11 भारतीय जहाज होर्मुज पार कर चुके हैं. इनमें आखिरी देश गरिमा 18 अप्रैल को ही पार हुआ. लेकिन अभी भी 14 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में रुके हुए हैं. ये सभी जहाज होर्मुज पार करने का इंतजार कर रहे हैं, भारतीय नौसेना इन 14 जहाजों से लगातार बात कर रही है. हर जहाज को सलाह दी जा रही है कि वे सुरक्षित जगह पर रहें और नौसेना जब कहे तभी आगे बढ़ें. इससे कोई भी जहाज अकेला खतरे में नहीं पड़ेगा.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का बहुत महत्वपूर्ण जल मार्ग है. ईरानी गार्ड्स द्वारा भारतीय जहाजों पर गोली चलाने की घटना ने सुरक्षा को नई चुनौती दी है. भारतीय नेवी ने तुरंत मजबूत कदम उठाकर दिखा दिया कि वह अपने जहाजों की सुरक्षा को बिल्कुल भी हल्के में नहीं ले रही. सात युद्धपोतों की तैनाती और नई एडवाइजरी से साफ है कि नेवी पूरे इलाके पर नजर रखे हुए है.
शिवानी शर्मा