'...तो ऑल आउट वार होगा', पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भारत को दिखाया खौफ, मगर ट्रंप से की विनती- आप वर्ल्ड लीडर हैं, दखल दीजिए

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ट्रंप से मध्यस्थता कराना चाहते हैं. ट्रंप को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस तनाव को रोकने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए क्योंकि वे विश्व शक्ति का नेतृत्व कर रहे हैं, एकमात्र विश्व शक्ति हैं और वे दुनिया भर में अलग-अलग फ्लैशपॉइंट पर अलग अलग पार्टियों से बात कर रहे हैं.

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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भारत के साथ संपूर्ण युद्ध की बात कही है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भारत के साथ संपूर्ण युद्ध की बात कही है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 9:37 AM IST

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि भारत के साथ ऑल आउट वार की आशंका है. ब्रिटेन के स्काई न्यूज के साथ बातचीत में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा दुनिया को परमाणु शक्तियों से लैस दो राष्ट्रों के बीच पूर्ण युद्ध की आशंका से 'चिंतित' होना चाहिए. ख्वाजा आसिफ ने इस तनाव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हस्तक्षेप देने की मांग की है और कहा है कि वो विश्व की शक्तियों का नेतृत्व करते हैं.

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 ख्वाजा आसिफ ने यह भी उम्मीद जताई कि इस विवाद का अंत संवाद के जरिये हो सकता है.

बता दें कि पहलगाम में आतंकी हमले में 26 बेगुनाह सैलानियों की मौत के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम सीमा पर पहुंच चुका है. इस हमले में पाकिस्तानी तत्वों के शामिल होने के सीधे सबूत मिले हैं और पाकिस्तान पर आरोप लगाया है. 

ख्वाजा आसिफ ने इस दावे से इनकार किया है और कहा कि भारत ने "फॉल्स फ्लैग" ऑपरेशन के तहत गोलीबारी को अंजाम दिया है. ख्वाजा आसिफ ने शेखी बघारते हुए कहा कि पाकिस्तान की सेना दोनों पक्षों की ओर से बढ़ते तनाव और कूटनीतिक उपायों के बीच "किसी भी स्थिति के लिए तैयार" है. 

...तो हो सकता है संपूर्ण युद्ध

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, "भारत द्वारा की जाने वाली किसी भी पहल पर हम अपनी प्रतिक्रिया को नापे-तौलेंगे और यह नाप तौल कर जवाब देंगे. यदि कोई ऑल आउट वार होता है, या ऐसा कुछ होता है तो जाहिर है कि एक संपूर्ण युद्ध होगा."

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जब उनसे पूछा गया कि क्या दुनिया को चिंतित होना चाहिए, तो उन्होंने जवाब दिया: "हां, मुझे ऐसा लगता है. दो परमाणु शक्तियों के बीच टकराव हमेशा चिंताजनक होता है. अगर चीजें गलत हो जाती हैं, तो इस टकराव का दुखद परिणाम हो सकता है."

बता दें कि इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को "पृथ्वी के अंत तक" से खोज कर लाने और उन्हें दंड देने की कसम खाई है. 

ख्वाजा आसिफ ने इस हमले का आरोप भारत के ऊपर मढ़ा और कहा कि वे ही ऐसी परिस्थितियां पैदा करते हैं.

हालांकि, उन्होंने आगे कहा: "हमें अपनी समस्याओं को बातचीत के ज़रिए सुलझाना चाहिए."

ट्रंप को हस्तक्षेप करना चाहिए

जब रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से पूछा गया कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस  संकट को सुलझाने में मदद के लिए शामिल होना चाहिए, तो आसिफ ने कहा, "निश्चित रूप से वे विश्व शक्ति का नेतृत्व कर रहे हैं, एकमात्र विश्व शक्ति हैं और वे दुनिया भर में अलग-अलग फ्लैशपॉइंट पर अलग अलग पार्टियों से बात कर रहे हैं."

"और यह भी एक फ्लैशपॉइंट है, जिसमें दो परमाणु शक्तियां एक-दूसरे के साथ जुड़ी हुई हैं. मुझे लगता है कि इस स्थिति पर ध्यान दिया जाना चाहिए और यदि विश्व शक्ति हस्तक्षेप कर सकती है और इस स्थिति में किसी तरह की समझदारी लाई जा सकती है, तो यह अच्छा होगा."

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बता दें कि अमेरिका ने भारत में हुए इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा है कि जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं, अमेरिका भारत के साथ है और आतंकवाद के हर कृत्य की कड़ी निंदा करता है. उन्होंने कहा कि हम इस हमले में जान गंवाने वालों के लिए प्रार्थना करते हैं, घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं और चाहते हैं कि इस जघन्य हमले के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाए.

ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा कि अन्यथा यदि भारत द्वारा कोई पहल की जाती है तो हम उसी तरह से जवाब देंगे. हमारे पास कोई विकल्प नहीं होगा, बिल्कुल भी कोई विकल्प नहीं होगा.

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