सेना को मिली लाइट मशीन गन की खासियत जानिए, बनाने में इजरायल का है हाथ

इजरायली कंपनी IWI ने भारत को NEGEV 7.62x51 लाइट मशीन गनों की पहली खेप सौंप दी है. इसमें 2000 बंदूकें हैं. यह डील मेक इन इंडिया के तहत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ हुई है. कुल 41 हजार गन का ऑर्डर है. PLR सिस्टम्स (IWI-अडानी जॉइंट वेंचर) द्वारा डिलीवर की गई ये गन भारतीय सेना को शहरी लड़ाई और सीमा सुरक्षा में मजबूती देगी.

Advertisement
ये है नेगेव लाइट मशीन गन जिसकी पहली खेप इजरायल से भारत को मिली है. (Photo: FB/IWI) ये है नेगेव लाइट मशीन गन जिसकी पहली खेप इजरायल से भारत को मिली है. (Photo: FB/IWI)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:39 PM IST

इजरायली हथियार कंपनी इजरायल वेपन्स इंडस्ट्रीज (IWI) ने भारत को हल्की मशीन गन (LMG) की पहली खेप सौंप दी है. यह डील मेक इन इंडिया पहल के तहत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ की गई है.  IWI ने बताया कि 2000 NEGEV 7.62x51 LMG की पहली खेप पिछले वीकेंड भारत पहुंच गई. 

इस साल बाद में और 4000 गन डिलीवर की जाएंगी. कुल मिलाकर 41000 यूनिट्स का बड़ा ऑर्डर है. यह डिलीवरी PLR सिस्टम्स के जरिए हुई है. PLR सिस्टम्स इजरायल वेपन्स इंडस्ट्रीज (IWI) और अडानी ग्रुप का जॉइंट वेंचर है. यह भारत की पहली निजी कंपनी है जो छोटे हथियार और गोला-बारूद बना रही है.   

Advertisement

यह भी पढ़ें: 18 तेजस Mk1A फाइटर जेट तैयार, अप्रैल में भारतीय वायुसेना करेगी ट्रायल

NEGEV 7.62x51 LMG की खासियतें

NEGEV 7.62x51 दुनिया की सबसे हल्की 7.62 मिमी लाइट मशीन गन में से एक है. यह इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) द्वारा इस्तेमाल की जाती है. कठिन परिस्थितियों में भी यह बहुत विश्वसनीय है. हल्का वजन और 7.62 मिमी गोला-बारूद होने की वजह से यह मजबूत दीवार और बंकर को भी भेद सकता है. इसलिए यह शहरी लड़ाई और महत्वपूर्ण मिशनों के लिए बहुत जरूरी है.

यह गन सेमी-ऑटोमैटिक और फुली ऑटोमैटिक दोनों मोड में चल सकती है. इसे भारतीय थल सेना और भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर, आर्मर्ड व्हीकल और भारतीय नौसेना के प्लेटफॉर्म पर भी लगाया जा सकता है. इसमें पिकाटिनी रेल्स और ट्रिटियम नाइट साइट्स लगे हैं, जिससे कम रोशनी में भी निशाना साधना आसान होता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: Artemis II: चंद्रमा की ओर चला इंसान... NASA का ऐतिहासिक लॉन्च कहां देख सकते हैं लाइव?

यह NATO स्टैंडर्ड के अनुसार बनी है, इसलिए बहुत टिकाऊ है. इसके अलावा यह कंप्यूटरीकृत हथियार सिस्टम के साथ भी जुड़ सकती है, जो बेहद सटीक निशाना लगाने में मदद करता है.

भारत-इजरायल रक्षा सहयोग बढ़ रहा है

भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है. PLR सिस्टम्स ने 1.70 लाख क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) कार्बाइन सप्लाई करने का भी कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है. इनमें से पहली 18 हजार यूनिट्स इसी साल डिलीवर की जाएंगी. यह डील भारत को आधुनिक छोटे हथियारों से लैस करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement