महाराष्ट्र के अमरावती जिले में स्थित बोर गांव की रहने वाली 65 वर्षीया कनोत्री हीरालाल नावड़े अपने कपास के खेत की निगरानी कर रही थीं, तभी एक नरभक्षी बाघिन ने उन पर हमला कर दिया. बाघिन के हमले में कनोत्री की मौत हो गई.
इलाके में नरभक्षी बाघिन के आ जाने से गांव के लोग बेहद घबराए हुए हैं.
वन विभाग के अधिकारीयों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से यह बाघिन वर्धा के जंगलों से आई है. बीते 15 दिन के अंदर इस ने इलाके के कई लोगों और मवेशियों पर हमला किया है.
बाघिन के हमले के चलते अमरावती-वर्धा जिले के सीमावर्ती इलाके में भय का माहौल है. बाघिन के हमले में कनोत्री की मौत की खबर मिलते ही अमरावती के वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और नरभक्षी बाघिन की खोज में जुट गए.
घटना के बाद वन विभाग ने आदमखोर बाघिन को खोजने की मुहिम शुरू कर दी है. इस नरभक्षी बाघिन की खोज में हैदराबाद एवं नागपुर के वन विभाग के रेस्क्यू टीम भी अमरावती के लिए मौके पर पहुंच चुकी है. अमरावती वन परिक्षेत्र के आरएफओ ने आजतक को फोन पर बताया कि बाघिन की तलाश में मदद के लिए वर्धा व चंद्रपुर से हाथी भी बुलाए गए हैं.
पंकज खेळकर