जेवर कांड: मुखबीर के भरोसे पुलिस, पीड़ित परिवार ने दी खुदकुशी की धमकी

जेवर-बुलंदशहर राजमार्ग पर हुई डकैती और कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस को अपराध स्थल से किसी भी मोबाइल फोन का कॉल रिकॉर्ड नहीं मिला है. इससे इस मामले में पुलिस को निराशा हाथ लगी है. पुलिस 25 मई को जेवर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस पर हुई वारदात के पांच अपराधियों को पकड़ने के लिए अपने सूचना नेटवर्क पर अब निर्भर है.

डकैती, हत्या और कथित गैंगरेप केस
मुकेश कुमार
  • ग्रेटर नोएडा,
  • 31 मई 2017,
  • अपडेटेड 9:22 AM IST

जेवर-बुलंदशहर राजमार्ग पर हुई डकैती और कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस को अपराध स्थल से किसी भी मोबाइल फोन का कॉल रिकॉर्ड नहीं मिला है. इससे इस मामले में पुलिस को निराशा हाथ लगी है. पुलिस 25 मई को जेवर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस पर हुई वारदात के पांच अपराधियों को पकड़ने के लिए अपने सूचना नेटवर्क पर अब निर्भर है.

यूपी एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने पाया है कि अपराधियों ने अपराध के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया था. जेवर पुलिस और उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल दल ने अपराध स्थल क्षेत्र में 25 मई की रात एक बजे से सुबह चार बजे तक के कॉल डिटेल की जांच की और पाया कि उस समय क्षेत्र में 2500 फोन नंबर काम कर रहे थे.

उन्होंने बताया कि इन फोन नंबरों की कॉल डिटेल की जांच की गई है, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. हो सकता है कि अपराधियों ने अपराध के दौरान पुलिस के डर से फोन का इस्तेमाल न किया हो. पीड़ितों के तीन मोबाइन फोन भी अपराध के दौरान काम नहीं कर रहे थे. पीड़ितों से अपराधियों ने फोन छीन लिया था. अभी तक सभी मोबाइल काम नहीं कर रहे हैं.

सर्विलांस के मामलों के विशेषज्ञ को अलीगढ़ से जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था. अब उत्तर प्रदेश एसटीएफ अपराधियों के बारे में सुराग हासिल करने के लिए मुखबिर नेटवर्क पर ध्यान दे रहा है. पुलिस ने पीड़ितों को 100 संदिग्ध लोगों की तस्वीरें भी दिखाई है, लेकिन वह अपराधियों को पहचानने में नाकामयाब हैं. अंधेरा होने की वजह से पहचान मुश्किल थी.

पीड़ित के परिवार के लोगों ने कल जेवर तहसील में प्रदर्शन किया और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है. उन्होंने न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या की धमकी भी दी है. पीड़ितों के परिवारवालों ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री से उनके नोएडा दौरे के दौरान उनसे मिलेंगे और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे.

नोएडा के पूर्व विधायक और भाजपा नेता विमला बाथम ने दावा किया है कि पीड़ित परिवार पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच में गैंगरेप की घटना को नकारने से नाराज है. उन्होंने दावा किया है कि पुलिस को पीडि़तों के खिलाफ बयान देने की अपेक्षा अपराधियों को गिरफ्तार करने पर ध्यान देना चाहिए. पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि बहुत जल्द अपराधी गिरफ्त में होंगे.

 

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