रोहित शेट्टी के घर पर गोली चलाने वाला मेन शूटर दीपक गिरफ्तार, यूपी STF और मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन

रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग मामले में अब तक 12 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. हाल ही में मेन शूटर दीपक समेत कई आरोपी यूपी और हरियाणा से पकड़े गए हैं. इस मामले में अब MCOCA की धारा जोड़ी गई है. इस गैंग के विदेशी कनेक्शन का खुलासा हुआ है. पढ़ें पूरी कहानी.

Advertisement
इस मामले में मुख्य शूटर समेत 12 लोग पकड़े जा चुके हैं (फोटो-ITG) इस मामले में मुख्य शूटर समेत 12 लोग पकड़े जा चुके हैं (फोटो-ITG)

संतोष शर्मा / दिव्येश सिंह

  • लखनऊ/मुंबई,
  • 16 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST

Rohit Shetty House Firing Case: मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) के जुहू स्थित आवास पर हुए शूटआउट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे शुभम लोनकर गैंग का हाथ है. गैंग ने कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने के लिए भाड़े के शूटरों से फायरिंग करवाई थी. मुख्य शूटर दीपक ने गोली चलाई थी, जो आगरा का रहने वाला है. पूरे शूटआउट में कुल 7 लोग शामिल बताए जा रहे हैं. ये सभी आगरा, नोएडा और इटावा के रहने वाले हैं. वारदात के बाद पूरे नेटवर्क को ट्रैक करने के लिए कई राज्यों में दबिश दी गई है.

Advertisement

उत्तर प्रदेश एसटीएफ और मुंबई पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. हरियाणा के झज्जर से मुख्य शूटर दीपक और उसके साथी सनी, सोनू और रितिक को गिरफ्तार किया गया. वहीं गाजियाबाद से विष्णु कुशवाहा, जतिन भारद्वाज और विशाल को गिरफ्तार किया गया. दो सगे भाई सोनू और रितिक भी इस साजिश में शामिल निकले. एसटीएफ ने सभी सातों आरोपियों को हिरासत में लेकर मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया है. अब इनसे पूछताछ के जरिए पूरी साजिश की परतें खोली जा रही हैं. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में और बड़े खुलासे होंगे.

जांच में पता चला कि राजस्थान के श्रीगंगानगर से जुड़े शुभम लोनकर गैंग ने ही 5 करोड़ की रंगदारी की मांग की थी. वारदात को अंजाम देने के लिए गैंग की ओर से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल उपलब्ध कराई गई थी. फायरिंग के बाद शुभम लोनकर की तरफ से गोलू पंडित को बड़ी रकम दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है. पकड़ा गया विष्णु कुशवाहा शूटरों और गैंग के बीच अहम कड़ी था. उसी ने दीपक और उसके साथियों से संपर्क कर कार्रवाई को अंजाम दिलवाया. इससे साफ है कि पूरी साजिश सुनियोजित तरीके से रची गई थी.

Advertisement

फायरिंग के बाद आरोपियों को छिपाने में जतिन भारद्वाज और विशाल ने मदद की थी. वारदात को अंजाम देने के बाद सभी अलग-अलग ठिकानों पर छिप गए थे. लेकिन तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर एसटीएफ ने उन्हें दबोच लिया. अब मुंबई पुलिस शूटआउट में शामिल आरोपियों की शिनाख्त परेड कराएगी. इसके बाद कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. पुलिस का दावा है कि रंगदारी और गैंग नेटवर्क से जुड़े हर लिंक की जांच की जा रही है.

केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जुहू थाने में गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया. शुरुआती जांच के बाद मामला क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल को सौंप दिया गया. पुलिस को शक था कि यह मामला किसी बड़े गैंग से जुड़ा हो सकता है. इसलिए जांच को विशेष टीम के हवाले किया गया. एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने तकनीकी और फील्ड इनपुट जुटाने शुरू किए. इसके बाद गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हुआ.

अब MCOCA की एंट्री
सबसे पहले पुलिस द्वारा पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में संगठित अपराध से जुड़े तार सामने आए. इसके बाद मामले में MCOCA की धाराएं भी जोड़ दी गईं. यह संकेत था कि पुलिस को किसी बड़े नेटवर्क का अंदेशा है. MCOCA लगने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया. पुलिस अब फंडिंग और विदेशी कनेक्शन भी खंगालने लगी है.

Advertisement

यूपी और हरियाणा STF का ज्वाइंट ऑपरेशन
जांच आगे बढ़ी तो उत्तर प्रदेश STF और हरियाणा STF को भी शामिल किया गया. संयुक्त कार्रवाई में छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें मुख्य शूटर दीपक भी शामिल है. सभी को कड़ी सुरक्षा में मुंबई लाया जा रहा है. आगरा STF और मुंबई पुलिस आरोपियों को लेकर मुंबई एयरपोर्ट पहुंची. अब उनसे गहन पूछताछ जारी है.

अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार
इस केस में अब तक कुल 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. ताजा गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के आगरा से हुई. पुलिस ने आरोपी विष्णु कुशवाहा को दबोचा. इससे पहले हरियाणा के बहादुरगढ़ से चार आरोपी पकड़े गए थे. यह कार्रवाई मुंबई क्राइम ब्रांच और हरियाणा STF के संयुक्त ऑपरेशन में हुई. पुलिस का दावा है कि इस ऑपरेशन से अहम सुराग मिले हैं.

बहादुरगढ़ में दबिश
बहादुरगढ़ में की गई कार्रवाई पूरी रणनीति के साथ अंजाम दी गई. हरियाणा STF के एसपी विक्रांत भूषण के मुताबिक, मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने संपर्क किया था. इसके बाद संयुक्त टीम बनाई गई. सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं. उन्हें अब मुंबई लाकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि नेटवर्क की और परतें खुलेंगी.

Advertisement

दीपक निकला मेन शूटर
जांच में सामने आया कि दीपक इस वारदात का मुख्य शूटर था. उसी ने रोहित शेट्टी के घर पर गोली चलाई. उसके साथ सन्नी और सोनू ने पहले घर की रेकी की थी. रेकी के बाद पूरी योजना के तहत फायरिंग की गई. एक अन्य आरोपी ऋतिक ने शूटर्स को छिपने में मदद की. वारदात में अत्याधुनिक और विदेशी हथियारों का इस्तेमाल हुआ था.

फायरिंग में शामिल चार चेहरे
दीपक शर्मा, सन्नी, सोनू और एक फरार आरोपी इस फायरिंग में शामिल थे. घटना के वक्त दीपक ने गोली चलाई, जबकि बाकी आरोपी आसपास मौजूद थे. वारदात के बाद चारों अलग-अलग रास्तों से भागे. वे कल्याण स्टेशन पहुंचे और वहां से ट्रेन पकड़कर आगरा रवाना हो गए. सोनू पहले दो साल तक कल्याण में रह चुका था. बाद में वह अपने गांव आगरा लौट गया था और हथियार सप्लाई के काम से जुड़ा था.

विदेश से जुड़ा गैंग कनेक्शन
जांच में सामने आया कि दीपक का संपर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों से था. वह विदेश में बैठे हरि बॉक्सर और आरजू बिश्नोई से जुड़ा था. बताया गया कि इन्हीं लोगों ने फायरिंग का टास्क दिया. सोशल मीडिया के जरिए संपर्क बना और फिर पूरी साजिश रची गई. दीपक को शुरुआती तौर पर 50 हजार रुपये दिए गए थे. आगे और रकम मिलने का वादा किया गया था.

Advertisement

बाबा सिद्दीकी केस से भी जुड़ाव!
जांच में यह भी सामने आया कि आरजू बिश्नोई ने शुभम लोनकर से संपर्क किया था. शुभम लोनकर पहले से ही बाबा सिद्दीकी केस में वांटेड बताया जाता है. हालांकि शूटर्स की सीधे उससे बात होने की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन प्लानिंग के दौरान कई स्तर पर बातचीत हुई थी. पुलिस इस कड़ी को भी जोड़ने की कोशिश कर रही है. इस एंगल से जांच और गहराई तक पहुंच गई है.

ऐसे रची गई पूरी साजिश
सन्नी, सोनू और दीपक पहले मुंबई पहुंचे. दोनों ने घर की रेकी की और इलाके का मुआयना किया. इसके बाद तय प्लान के तहत दीपक ने फायरिंग की. इस वारदात में विदेशी हथियारों का इस्तेमाल किया गया. शूटर्स को 50 हजार रुपये एडवांस मिले थे. उन्हें भरोसा था कि काम के बाद बड़ी रकम दी जाएगी.

वारदात के बाद छिपे आरोपी
फायरिंग के बाद आरोपी अलग-अलग जगहों पर छिप गए. कुछ दिल्ली-एनसीआर में ठहरे तो कुछ होटलों में रुके. करीब चार-पांच दिन बाद वे बहादुरगढ़ के एक खेत में बने ठिकाने पर पहुंचे. पुलिस लगातार उनकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी. आखिरकार संयुक्त ऑपरेशन में सभी को पकड़ लिया गया. अब उनसे पूछताछ में नए खुलासे हो रहे हैं.

Advertisement

रणवीर सिंह केस से कनेक्शन?
फिलहाल इस मामले में अभिनेता रणवीर सिंह से जुड़े किसी केस का सीधा कनेक्शन सामने नहीं आया है. हालांकि पुलिस इस एंगल पर भी पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं एक ही गैंग कई हाई-प्रोफाइल टारगेट पर तो काम नहीं कर रहा. फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. पूछताछ के बाद ही स्थिति साफ होगी.

आगे की कार्रवाई और चार्जशीट
हमले की जिम्मेदारी हरि बॉक्सर ने ली थी घटना के बाद रोहित शेट्टी की सुरक्षा बढ़ा दी गई. अब जांच एंटी एक्सटॉर्शन सेल के इंस्पेक्टर सुनील पवार की टीम कर रही है. 15 दिनों के भीतर पुलिस ने लगभग सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब चार्जशीट की तैयारी चल रही है. पुलिस का दावा है कि पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया जाएगा और साजिश की हर कड़ी अदालत में पेश की जाएगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement