निर्णायक मोड़ पर 'ऑपरेशन भेड़िया'... जानिए कैसा है बहराइच के दहशत भरे गांवों का हाल?

Operation Bhediya: इंसान ने हर कोशिश कर ली. जाल बिछा दिया. पिंजरे लगा दिए. ड्रोन उड़ा लिया. पटाखे चला लिए. लेकिन भेड़िये हैं कि मानने को तैयार ही नहीं हैं. उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के भेड़िया प्रभावित गांवों में अभी दहशत कायम हैं. पुलिस और वन विभाग के साथ अब शार्प शूटर भी दिन-रात गश्त कर रहे हैं.

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उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के भेड़िया प्रभावित गांवों में अभी दहशत कायम है. उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के भेड़िया प्रभावित गांवों में अभी दहशत कायम है.

समर्थ श्रीवास्तव / स्नेहा मोरदानी

  • बहराइच,
  • 07 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:45 PM IST

इंसान ने हर कोशिश कर ली. जाल बिछा दिया. पिंजरे लगा दिए. ड्रोन उड़ा लिया. पटाखे चला लिए. लेकिन भेड़िये हैं कि मानने को तैयार ही नहीं हैं. उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के भेड़िया प्रभावित गांवों में अभी दहशत कायम हैं. पुलिस और वन विभाग के साथ अब शार्प शूटर भी दिन-रात गश्त कर रहे हैं. कभी पैदल, कभी बाइक पर, तो कभी नावों में दूरियां नाप रहे हैं. पता नहीं कब कहां से किसी कोने पर कोई भेड़िया नजर आ जाए और फिर उसे ढेर कर दिया जाए. 

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बहराइच के करीब 35 गांवों में भेड़ियों का एक झुंड पिछले करीब दो महीने से रह रह कर घात कर रहा है. बच्चों की जान ले रहा है. वन विभाग ने तमाम जतन करके छह में चार भेड़ियों को पकड़ लिया है, लेकिन दो भेड़िये हैं कि अब भी छुट्टा घूम रहे हैं. अब हालत ये हुई कि वन विभाग इन भेड़ियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ना चाहती है. क्योंकि इन भेड़ियों की आज़ादी का मतलब है, इंसानों की आज़ादी का छिन जाना. लेकिन भेड़िए हैं कि पकड़ में नहीं आ रहे हैं.

ऐसी स्थिति में आजतक की एक टीम आधी रात को भेड़िया प्रभावित गांवों में पहुंची. वहां की स्थिति का जायजा लिया. रात करीब 12.45 मिनट आजतक की टीम बहराइच के पिपरिया गांव पहुंची. वहां पता चला कि गांव वालों ने अपनी सुरक्षा करने के लिए नया तरीका खोज निकाला है. एक घर में 6 लोग हैं, जिनमें 3 जगे हैं और 3 सो रहे हैं. परिवार के लोग बताते हैं कि भेड़िए से बचने के लिए वो लोग शिफ्ट में सो रहे हैं. ताकि परिवार की सुरक्षा की जा सके.

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एसएचओ उपेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस टीम प्रभावित गांवों में लगातार गश्त कर रही है. कोई गतिविधि देखते ही पुलिस वन विभाग को अलर्ट कर देती है. रात करीब 1:30 बजे टीम केवलपुर गांव पहुंची. वहां एक परिवार घर के बाहर सो रहा था. पुलिस टीम ने उन्हें तुरंत समझाकर घर के अंदर भेजा. करीब 2 बजे मांझा दरिया गांव पहुंचे. यहां के लोग पहले से ज्यादा सजग दिखाई पड़े. बाहर रखे तख्त खाली थे. लोग घर के अंदर सुरक्षित सो रहे थे. 

वन विभाग उत्तर प्रदेश ने बहराइच में भेड़िया प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए बड़े-बड़े बैनर लगाना शुरू कर दिया है. बैनर में भेड़िया, सियार, लकड़बग्घा, बाघ और तेंदुए के पद चिन्ह दर्शाए गए ताकि गांव वालों के अंदर जानवर की पहचान को लेकर कोई भ्रांति ना रहे. इसके साथ भेड़िया प्रभावित क्षेत्रों में क्या करें और क्या ना करें, इसकी भी एक लंबी लिस्ट लगाई गई है. वन विभाग लगातार भेड़ियों को पकड़ने की कोशिश कर रहा है.

वन विभाग के करीब 250 लोग लगातार भेड़िया प्रभावित गांवों में कैंप कर रहे हैं. दिन रात निगरानी और पहरेदारी का सिलसिला चल रहा है. थर्मल इमेजिंग सिस्टम वाले ड्रोन कैमरों से आस-पास के इलाके की स्कैनिंग की जा रही है. कोशिश है कि यदि कहीं छुट्टा घूम रहा भेड़ियों का जोड़ा नजर आ जाए, तो उन्हें अब घेर कर ढेर कर दिया जाए. फिलहाल, भेड़ियों से डरे सहमे बहराइच को अब करीब दो महीने होने को हैं. ऑपरेशन भेड़िया अभी भी जारी है.

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