महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा में सामने आए अश्लील वीडियो कांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान के कथित तौर पर AIMIM से जुड़े होने के आरोप के बाद अब यह मामला सियासी रंग ले चुका है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और गंभीर आरोपों के बीच पुलिस जांच तेज कर दी गई है. फिलहाल आरोपी को अदालत ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.
परतवाड़ा में अश्लील वीडियो कांड का मामला सामने आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. सोशल मीडिया पर कई लड़कियों के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने लगे, जिससे लोगों में दहशत फैल गई. जैसे ही वीडियो तेजी से शेयर होने लगे, स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्वत: संज्ञान लिया और तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी. शुरुआती जांच के आधार पर आरोपी अयान को गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके. जांच एजेंसियां यह भी जानने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने वीडियो कैसे बनाए और उन्हें किस तरह सोशल मीडिया पर वायरल किया. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है.
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब भाजपा नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए. उनका दावा है कि आरोपी ने करीब 180 युवतियों का शोषण किया और 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो बनाए. हालांकि पुलिस ने अभी तक इन दावों की पुष्टि नहीं की है. आधिकारिक तौर पर पुलिस ने केवल 7 पीड़िताओं की पहचान होने की बात कही है. इस अंतर को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं और जांच एजेंसियां तथ्यों की पुष्टि में जुटी हैं.
परतवाड़ा पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक सुरेश मस्के ने बताया कि पीड़िताओं से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन अब तक किसी ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है. उन्होंने अपील की है कि पीड़िताएं बिना डर के सामने आएं. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. इसके अलावा किसी भी पुलिस स्टेशन में जीरो FIR दर्ज कराने की सुविधा भी दी गई है ताकि पीड़िताओं को न्याय मिल सके.
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि कई महत्वपूर्ण डेटा डिलीट किए गए हैं. अब साइबर टीम की मदद से इन डिलीटेड डेटा को रिकवर किया जा रहा है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह मामला किसी बड़े संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ है. तकनीकी जांच के जरिए पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की कोशिश जारी है.
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. बड़ी संख्या में लोग पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बेहद खतरनाक हैं और इससे महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी को जल्द से जल्द कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.
इस केस ने अब सियासी रंग भी ले लिया है. भाजपा नेताओं ने आरोपी के AIMIM से जुड़े होने का आरोप लगाया है. बताया जा रहा है कि आरोपी हाल ही में नगर पालिका चुनाव के दौरान पार्टी की सोशल मीडिया जिम्मेदारी संभाल रहा था.
हालांकि AIMIM के स्थानीय अध्यक्ष आदिल मोहम्मद ने सफाई देते हुए कहा कि आरोपी को संगठन से हटा दिया गया है, लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया कि वह पहले पार्टी से जुड़ा हुआ था. भाजपा विधायक प्रवीण तायडे और राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और SIT गठित करने की मांग की है. पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
धनंजय साबले