सरहद पर दुश्मन को क्लीन बोल्ड करेगी सेना की ये खास बॉल!

उसे बच्चों को खिलौना कहिए. या ट्रक का पहिया. फुटबॉल कहिए या बॉल. यकीन मानिए आप इसे जो भी समझेंगे हमारा दावा गलत ही साबित होंगे. इस काली गेंद की हकीकत आपको हैरान करने वाली है.

Advertisement
ये बॉल सरहद पार से आने वाले दुश्मनों पर नजर रखेगी ये बॉल सरहद पार से आने वाले दुश्मनों पर नजर रखेगी

परवेज़ सागर

  • नई दिल्ली,
  • 04 जून 2019,
  • अपडेटेड 12:11 PM IST

इंग्लैंड में वर्ल्ड कप क्रिकेट शुरू हो चुका है. 16 जून को भारत और पाकिस्तान का मुकाबला होना है. मगर उससे पहले ही भारतीय सेना ने पाकिस्तानी पिच पर यॉर्कर गेंद डालने की तैयारी शुरू कर दी है. और ये यॉर्कर टीम इंडिया के गेंदबाद नहीं बल्कि भारतीय सेना डालने जा रही है. वो भी पाकिस्तानी सीमा से लगती सरहदी पिच पर. बस यूं समझ लीजिए कि ये यॉर्कर गेंद इतनी घातक है कि सरहद पार से घाटी में आने वाले तमाम आतंकियों का विकेट गिरना तय है.

Advertisement

उसे बच्चों को खिलौना कहिए. या ट्रक का पहिया. फुटबॉल कहिए या बॉल. यकीन मानिए आप इसे जो भी समझेंगे हमारा दावा गलत ही साबित होंगे. इस काली गेंद की हकीकत आपको हैरान करने वाली है. इस गेंद का राज़ हम खोलेंगे मगर उससे पहले आपको बता दें कि ये गेंद कश्मीर में छुपे आतंकियों की खटिया खड़ी करने वाली है.

आपके मन में इस छोटी सी गेंद को लेकर जो भी सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब एक एक कर के आपको दिया जाएगा और आपको ये भी बताया जाएगा कि कैसे ये गेंद आतंकियों पर कहर बरपाने वाली है. मगर पहले देखिए कि ये गेंद कितनी करामाती है. ये घास पर चल सकती है. रोड पर दौड़ सकती है. ऊबड़-खाबड़ रास्ते भी इसके लिए मुश्किल नहीं पैदा कर सकते. ये मिट्टी पर भी रेंगती है. बर्फ में फिसलती है. पानी में तैरती है. ये आपके बगल से निकल जाएगी और आपको पता भी नहीं चलेगा. ये लुढ़कते लुढकते कहीं भी पहुंच सकती है.

Advertisement

अब आप बोलेंगे कि ये गेंद है तो लुढकेगी ही. इसमें नया क्या है. तो सुनिए ये गेंद लुढ़कते लुढकते आपकी आंखों के सामने से आपके राज़ चुरा लेगी. आपकी चुगली कर देगी. और आपको पता भी नहीं चलेगा. यकीन ना हो तो अब तो उन तस्वीरों को देखिए. जो इस लुढ़कती गेंद ने किसी को बताए बिना चुरा ली है..

जी. जिसे आप अब तक मामूली गेंद समझ रहे थे वो दरअसल वीडियो सर्विलांस बॉल है. जिसके दोनों तरफ कैमरे लगे हैं जो अपने इर्द गिर्द 360 डिग्री के एंगल से वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. कमाल तो ये है कि ये करामाती गेंद वीडियो के साथ साथ आडियो रिकार्डिंग भी करता है. यानी इसके सामने जो दिखेगा वो भी फंसेगा और जो बोलेगा वो भी पकड़ा जाएगा. रात औऱ दिन की इसके लिए कोई पाबंदी नहीं है. ये जितना दिन में काम कर सकता है उतना ही रात में असरदार है. इसमें जो लेंस लगे हैं वो रात में भी रिकॉर्डिंग कर सकते हैं. वो भी छोटी मोटी रिकॉर्डिंग नहीं. लंबी रिकॉर्डिंग. ये वीडियो सर्विलांस बॉल दो घंटे तक लगातार काम कर सकती है.

अब आइये आपको बताते हैं कि इस वीडियो सर्विलांस बॉल का भारत से क्या कनेक्शन है. दरअसल आतंकी गतिविधियों से जूझ रहे कश्मीर में सरकार ने आतंकियों से निपटने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन्स में इस नई तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है. यूं तो आमतौर पर इसे वीडियो सर्विलांस बाल कहा जाता है मगर इसका नाम गार्डबॉट है.

Advertisement

आसान लफ्जों में इसे आप करामाती गेंद कह सकते हैं. जिसके बीच में एक वीडियो सर्विलांस सिस्टम है. जिसका इस्तेमाल कश्मीर पुलिस घाटी में छुपे आतंकियों का पता लगाने और उनसे मुठभेड़ के दौरान मौके का जायज़े लेने में किया जा सकेगा. ताकि कम वक्त में और सटीक तरीके से आतंकियों को ठिकाने लगाया जा सके. ऐसा माना जा रहा है कि ये वीडियो सर्विलांस सिस्टम जल्द ही कश्मीर पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा.

अब तक मुठभेड़ के दौरान मौकाए वारदात पर सिर्फ ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाती थी. इनसे पता लगाया जाता था कि आतंकी किस दिशा में छुपे हुए हैं. उनकी गतिविधियां क्या हैं. मगर इस वीडियो सर्विलांस बॉल से उनकी सटीक लोकेशन जानने के अलावा वो क्या बात कर रहे हैं उसका भी पता लगाया जा सकेगा. माना जा रहा है कि कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के वक्त ये वीडियो सर्विलांस सिस्टम काफी मददगार साबित होगा.

अब आइये आपको बताते हैं कि आतंकियों की चुगली करने के अलावा इस करामाती गेंद की और क्या क्या खूबियां हैं. इस गेंद में आडियो और वीडियो सर्विलांस की क्षमता होगी. 20 मीटर की दूरी तक इसे फेंका या धकेला जा सकता है. इसे इस तरह बनाया गया है कि फेंकने पर भी ये टूटेगा नहीं. 360 डिग्री के एंगल से ये वीडियो-आडियो रिकार्ड कर सकता है. ये वीडियो सर्विलांस बॉल दिन और रात दोनों वक्त काम करेगी. ये गेंद 25 घंटे तक बिना रुके अपना काम कर सकेगी. ये ज़मीन पर 9 मील प्रति घंटा और पानी में 3 मील प्रति घंटे की रफ्तार से तैरेगा.

Advertisement

इसमें इमेज सेंसर, आडियो माइक्रोफोन, वीडियो एंड आडियो ट्रांसमिशन है. कैमरा सेंसर से लैस इस गेंद का वज़न एक किलो तक होगा. एक पोर्टेबल रिमोट डिस्पले यूनिट औऱ 5 इंच का टीएफटी स्क्रीन होगी. इनबिल्ट डीवीआर होगा ताकि रिकार्ड और प्ले बैक किया जा सके. इसमें लगी बैटरी 45 घंटे तक काम कर सकती है

अब आइये आखिरी सवाल पर. ये वीडियो सर्विलांस बॉल आखिर काम कैसे करेगी. सबसे पहले तो जिस जगह की जानकारी हासिल की जानी है वहां इसे दो तरीके से पहुंचाया जा सकता है. या तो इसे फेंका जाए या फिर इसे आगे धकेल दिया जाए. उसके बाद ये बॉल रिमोट के ज़रिए से ऑपरेट की जाएगी. यानी ऑपरेटर इसे जहां चाहे मोड़ सकता है. और जहां चाहे रोक सकता है. बताया जा रहा है कि इस वीडियो सर्विलांस बॉल की कीमत करीब 70 लाख रुपये है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »