शीना मर्डर केस: सीबीआई ने दूसरी चार्जशीट में बताया- सबकुछ जानते हैं पीटर

शीना बोरा मर्डर केस में सीबीआई ने शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट में दूसरी चार्जशीट दाखिल कर दिया है. इसमें साफ कहा गया है कि इंद्राणी मुखर्जी इस वारदात की पूरी जानकारी समय-समय पर पीटर मुखर्जी को देती रही थी.

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पीटर और इंद्राणी मुखर्जी पीटर और इंद्राणी मुखर्जी

मुकेश कुमार / विद्या

  • मुंबई,
  • 21 अक्टूबर 2016,
  • अपडेटेड 8:22 PM IST

शीना बोरा मर्डर केस में सीबीआई ने शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट में दूसरी चार्जशीट दाखिल कर दिया है. इसमें साफ कहा गया है कि इंद्राणी मुखर्जी इस वारदात की पूरी जानकारी समय-समय पर पीटर मुखर्जी को देती रही थी. शीना बोरा अपनी मां इंद्राणी की हरकतों को पसंद नहीं करती थी. पिछली सुनवाई में सीबीआई अभियोजक भरत बादामी और कविता पाटिल ने विशेष न्यायाधीश एच एस महाजन से कहा था कि शुक्रवार को अंतिम रिपोर्ट दायर कर दी जाएगी.

सीबीआई की इस चार्जशीट के मुताबिक, मिखाइल ने बताया कि इंद्राणी और सिद्धार्थ दास गुवाहाटी में बेकरी का बिजनेस करते थे. एक दिन दोनों के बीच झगड़ा इस कदर बढ़ गया कि दोनों घर छोड़कर चले गए. उस समय मिखाइल और शीना को उनकी मेड ने उनकी नानी के पास पहुंचाया था. इसके बाद में इंद्राणी ने अपने माता-पिता पर बच्चों को गोद लेने का दबाव बनाया था फिर गायब हो गई. एक दिन उसके माता-पिता ने पीटर के साथ उसकी तस्वीर देखी.

इंद्राणी की पीटर के साथ तस्वीर देखने के बाद उन लोगों ने उससे संपर्क करके बच्चों के गुजारे के लिए खर्च मांगा. इंद्राणी तैयार तो हो गई लेकिन उसने एक शर्त रखी कि बच्चे उसे मां की बजाए बहन कहकर बुलाएंगे. कोई भी उसकी पहली शादी का राज नहीं खोलेगा. इसके बाद मिखाइल को एक इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने के लिए बंगलुरु भेज दिया गया और शीना मुंबई आ गई. साल 2006 में वह कुछ दिन इंद्राणी के साथ उसके घर पर रही, लेकिन बाद में पीजी में चली गई.


मिखाइल को संजीव ने बनाया था ड्रग एडिक्ट
सीबीआई के मुताबिक, शीना घर में अपने साथ होने वाले भेदभाव से दुखी रहती थी. वह इंद्राणी को मां की बजाए बहन कहना भी पसंद नहीं करती थी. मिखाइल ने बताया कि संजीव खन्ना को इंद्राणी ने अपना भाई बताया था. मुंबई में एक दिन संजीव उसे लेकर पब में गया. वहां उसे जमकर शराब पिलाई. जब वह बेहोश हो गया तो उसे कहीं और ले जाकर बंद कर दिया गया. वहां उसे रोज नशे का इंजेक्शन लगाया जाता था. उसे ड्रग एडिक्ट बना दिया गया था.


शीना ने मिखाइल से अपने और पीटर के बेटे राहुल के नजदीकी संबंधों के बारे में बताया था. पीटर और इंद्राणी दोनों के संबंध के खिलाफ थे. उन्होंने शीना की पढाई पूरी होने के बाद मुंबई से बाहर जॉब की व्यवस्था की थी. इंद्राणी ने शीना से कहा कि वह राहुल से दूर रहे, लेकिन वह नहीं मानी. इसके बाद उसने मिखाइल के जरिए शीना को मनाने की कोशिश की, लेकिन उसकी कोशिश बेकार गई. शीना अपने भाई मिखाइल से भी नाराज हो गई और गुवाहाटी चली गई.


24 अप्रैल 2012 को शीना बोरा मुंबई पहुंची. उस दिन करीब 10 बजे रात को इंद्राणी उससे मिलने आई. उसने शराब पिलाया. उससे अधिक से अधिक शराब पिलाना चाहती थी. इससे शीना को शक हुआ. मिखाइल भी वहां था. उसने देखा कि संजीव खन्ना और ड्राइवर श्यामवर राय आपस में कुछ बात कर रहे हैं. संदेह की स्थिति में इंद्राणी और शीना के बीच बातचीत होती रही. इसके बाद वे कार से चले गए. बताते चलें कि इसी दिन शीना की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी.

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