नोएडाः लॉकडाउन के दौरान रोटी बैंक से 3.67 लाख लोगों को परोसा गया खाना

लॉकडाउन के दौरान नोएडा प्राधिकरण ने जिले में एक रोटी बैंक बनाया. जिसमें 3 महीने से ज्यादा समय में 18,20,850 रोटियां प्राप्त हुईं, जिसे सामुदायिक किचन में बनी सब्जी और दाल के साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों में जरुरतमंदों को बांटा गया. इससे 3.67 लाख लोगों को खाना मिल सका.

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नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी

तनसीम हैदर

  • नोएडा,
  • 27 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 9:06 PM IST

  • लॉकडाउन के दौरान 18,20,850 रोटियां प्राप्त हुईं
  • सामुदायिक किचन में बनाई गई सब्जी और दाल
  • 11 गौ आश्रय शेड तैयार किए: CEO रितु माहेश्वरी
कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के दौरान नोएडा प्राधिकरण ने जिले में रोटी बैंक बनाया. जिसमें 12 अप्रैल 2020 से 7 जुलाई 2020 यानि लॉकडाउन के दौरान 18,20,850 रोटियां प्राप्त हुईं, जिसे सामुदायिक किचन में बनी सब्जी और दाल के साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों में जरुरतमंदों को बांटा गया. इस योजना से 3,67,720 लोगों को खाना परोसा गया.

नोएडा अथॉरिटी की सीईओ के तौर पर आईएएस रितु माहेश्वरी ने अपने एक साल पूरे होने पर प्राधिकरण की उपल्धियों को मीडिया के सामने रखा. सीईओ ने मीडिया को बताया कि उनके प्रतिनिधित्व में नोएडा को 3 स्टार का दर्जा मिला. नोएडा को एम्पावरिंग इंडिया अवार्ड से नवाज़ा गया. इतना ही नही शहर में प्लास्टिक वेस्ट चरखा को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है.

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सीईओ माहेश्वरी ने बताया कि नोएडा के गांव नगली वाजिदपुर में गौवंश आश्रय स्थल की स्थापना की. 2.5 हेक्टेयर में 11 गौ आश्रय शेड तैयार किए गए. अभी कुल 770 गौवंश आश्रयस्थल में रखे गए हैं. नवंबर 2019 से आश्रय स्थल का खर्च 16 लाख हर महीने आता है.

सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरों के बारे में उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की तरफ से 1,080 कैमरे नोएडा के एंट्री और एक्जिट बिॆंदुओं से जुड़े कई चौराहों पर स्थापित किए जा रहे हैं. इनकी मॉनिटरिंग के लिए एक कमांड सेंटर भी बनाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में एडाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकगनिशन कैमरा, ई-चालान सिस्टम, स्पीड डिक्टेशन सिस्टम, रेड लाइट वाएलेशन डिक्टेशन सिस्टम मौजूद रहेंगे.

मुफ्त बर्तन बैंक

उन्होंने बताया कि नोएडा में जलशक्ति के लिए बिना किसी खर्चे के 32 एकड़ क्षेत्रफल में तालाबों का विकास किया गया है. गंगाजल परियोजना में तीसरे चरण का काम चल रहा है जिसमें 240 करोड़ से बनने वाले इस प्रोजेक्ट की क्षमता 90 एमएलडी होगी.

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इस कड़ी में नोएडा में प्लास्टिक यूज़ खत्म करने के लिए सेक्टर 21 ए में निःशुल्क बर्तन बैंक बनाया गया. इस बर्तन बैंक में नोएडा प्राधिकरण ने 2,500 सेट स्टील की प्लेट, ग्लास के सेट रखे गए हैं. बर्तन बैंक से नोएडा का कोई भी व्यक्ति न्यूनतम सिक्योरिटी जमा कर के निःशुल्क बर्तन का इस्तेमाल कर सकता है.

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