कोरोना: राष्ट्रपति ट्रंप फिर बरसे, बोले- चीन की अक्षमता बनी इस सामूहिक हत्या की वजह

कोरोना वायरस को लेकर चीन पर लगातार हमलावर रुख बनाए रखने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चीन में कुछ सनकी लोगों ने बयान जारी किया जिसमें चीन के अलावा हर किसी को वायरस के लिए दोषी ठहराया गया था जिसने अब कई लाख लोगों को मार दिया है. जबकि इसके लिए चीन की असक्षमता जिम्मेदार है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल-AP) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल-AP)

aajtak.in

  • वाशिंगटन डीसी,
  • 20 मई 2020,
  • अपडेटेड 9:18 PM IST

  • यह चीन की अक्षमता, जिससे बड़ी संख्या में लोग मरेः ट्रंप
  • अमेरिका में अब तक 92 हजार लोगों की कोरोना से मौत
  • राष्ट्रपति ट्रंप की WHO को चिट्ठी- 30 दिन में बड़े बदलाव करें

कोरोना वायरस से दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसके लिए लगातार चीन पर आरोप लगा रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप एक बार फिर चीन को जिम्मेदार ठहराते हुए इस महामारी को चीन की 'असक्षमता' करार दिया और कहा कि इसने वैश्विक स्तर पर सामूहिक हत्या को अंजाम दिया.

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चीन पर लगातार हमलावर रुख बनाए रखने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर आरोप लगाते हुए कहा, 'चीन में कुछ सनकी लोगों ने बयान जारी किया जिसमें चीन के अलावा हर किसी को वायरस के लिए दोषी ठहराया गया था जिसने अब कई लाख लोगों को मार दिया है.'

उन्होंने आगे कहा, 'कृपया इस डोप की व्याख्या करें कि यह "चीन की अक्षमता" थी, और कुछ नहीं, इसने दुनियाभर में सामूहिक हत्या को अंजाम दिया.'

इससे पहले कोरोना से त्रस्त अमेरिका महामारी के लिए चीन के अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को भी दोषी मान चुका है. इस महामारी के कारण अमेरिका और विश्व स्वास्थ्य संगठन में तकरार बढ़ गई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही अमेरिका के द्वारा WHO को दी जाने वाली फंडिंग को रोक लगा दी थी. अब राष्ट्रपति ट्रंप ने WHO प्रमुख टेड्रोस घेब्रेयेसस को एक चिट्ठी लिखी है.

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WHO प्रमुख टेड्रोस घेब्रेयेसस को लिखे खत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अगर अगले 30 दिनों में विश्व स्वास्थ्य संगठन, अपनी नीति और संगठन में बड़ा बदलाव नहीं करता है तो अमेरिका अपनी फंडिंग को हमेशा के लिए बंद कर देगा.' बता दें कि अभी अमेरिका की ओर से फंडिंग को सिर्फ कुछ समय के लिए बंद की गई है.

इतना ही नहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चिट्ठी में लिखा कि अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन में अपनी सदस्यता पर भी दोबारा विचार कर सकता है.

अमेरिका में 15 लाख से ज्यादा केस

अमेरिका की ओर से लगातार इस बात का आरोप लगाया गया है कि WHO ने कोरोना वायरस के मामले में घोर लापरवाही बरती है और पूरी तरह से चीन का पक्ष लिया, इसी वजह से दुनिया को बुरा परिणाम भुगतना पड़ रहा है.

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कोरोना महामारी का सबसे ज्यादा कहर अमेरिका में ही देखने को मिला है, जहां अब तक 15 लाख (15.29 लाख) से अधिक लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, अब तक 91,983 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

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वैश्विक स्तर पर 4,927,487 लोग इस समय कोरोना से संक्रमित हैं जिसमें 323,956 लोगों की मौत हो चुकी है.

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