कोरोना के कारण क्या दिल्ली में पाबंदियां फिर लौटनेवाली हैं? सुनें 'आज का दिन'

दिल्ली में कोरोना का असर फिर तेज़ है. पिछले चौबीस घटों में 99 मौत हुईं जो महाराष्ट्र से भी ज़्यादा है. दिल्ली सरकार ने हालात पर क़ाबू पाने के लिए एहतियात लेने शुरू कर दिए हैं.

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दिल्ली में हर रोज 5-60 हजार टेस्ट हो रहा है (फाइल फोटो-PTI) दिल्ली में हर रोज 5-60 हजार टेस्ट हो रहा है (फाइल फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:58 AM IST

दिल्ली में कोरोना का असर फिर तेज़ है. पिछले चौबीस घटों में 99 मौत हुईं जो महाराष्ट्र से भी ज़्यादा है. दिल्ली सरकार ने हालात पर क़ाबू पाने के लिए एहतियात लेने शुरू कर दिए हैं. एक तो यही है कि शादी में गेस्ट्स के आने की छूट वापस ली जा रही है. दो सौ लोगों से अब संख्या पचास कर दी गई है. कुछ बाज़ार बंद रखने के लिए केंद्र सरकार से इजाज़त माँगी जा रही है. सीएम ने एलजी को अनुमति मांगने के लिए लैटर लिख दिया है. कुमार कुणाल इस ख़बर को कवर कर रहे हैं, उनसे हमने पूछा कि क्या दिल्ली में पाबंदियां फिर लौटनेवाली हैं? और क्या फिर से ये राजनीतिक रस्साकशी का मामला बनेगा या जैसा तालमेल हाल के महीनों में केंद्र और केजरीवाल सरकार में दिखा, वो फिर दिखेगा?

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कश्मीर में धारा 370 की पुनर्बहाली के लिए PAGD यानी Peoples Alliance for Gupkar Declaration नाम की छतरी तानी गई थी. इसके नीचे कई स्थानीय पार्टियां एकजुट हुई थीं. अब उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आड़े हाथों लिया है. उन्हें गुपकार गैंग कहा है. शाह ने आरोप लगाया कि ये पार्टियां जम्मू कश्मीर में विदेशी ताकतों का हस्तक्षेप चाहती हैं। कांग्रेस को भी लपेटा उन्होंने. बोले कि कांग्रेस और 'गुपकार गैंग' जम्मू कश्मीर को आतंक और उत्पात के युग में वापस ले जाना चाहते हैं।  कांग्रेस को फाइनली गुपकार पर बोलना पड़ा है. इससे पहले पार्टी चुप थी. प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने शाह के बयान को 'भ्रामक, शरारतपूर्ण और सरासर झूठ' करार दिया. कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार अल्ताफ़ हुसैन बता रहे हैं कि गुपकार का घाटी के सियासी समीकरणों पर क्या असर होनेवाला है, ख़ासकर कांग्रेस की स्थिति क्या रहेगी. 

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सोशल मीडिया हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा है. आम से लेकर ख़ास लोग तक अपने - अपने स्वादानुसार फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और बाकी प्लेटफॉर्म्स के ज़रिये अपनी बात रखते हैं। अब इतनी निर्भरता किसी चीज पर होगी तो उसकी सिक्योरिटी को लेकर भी फ़िक्र होना लाज़िमी है. प्राइवेसी बचाने की जद्दोजहद है तब तो लोग और भी ज़्यादा कॉन्शियस हैं. अभी पिछले दिनों ट्वीटर में बहुत बड़ी हैकिंग हुई थी.  बिल गेट्स, एलन मस्क और जो बाइडेन जैसी मशहूर हस्तियों का ट्विटर अकाउंट हैक कर लिया गया था और इसके बदले में बिटकॉइन की माँग की गई थी. अब ट्वीटर ने इसी बाबत बड़ा फ़ैसला लिया है. हैकिंग से निपटने के लिए दुनिया के दिग्गज़ हैकर पीटर मज जाटको को अपनी सिक्योरिटी सँभालने का ज़िम्मा दिया है. Mudge बतौर हेड ऑफ सिक्योरिटी सीधे Twitter के CEO जैक पैट्रिक डोर्सी को रिपोर्ट किया करेंगें. ऐसे में आप जानना तो चाहेंगे ही कि मज कौन है ? इनका क्या ऐसी उपलब्धि रही है की ट्विटर जैसी दुनिया की बड़ी कंपनी ने इनपर अपना भरोसा जताया है ? इतना ही नहीं इनके आने से ट्विटर की सिक्योरिटी में क्या कुछ बदलाव होने की सम्भवना है? आपके सवालों के जवाब दे रहे हैं आजतक रेडियो के रिपोर्टर मुंज़िर अहमद.  

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लॉकडाउन में सब बंद था तो देश की इकोनॉमी सुस्त हो गई थी. वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई. ये भारत के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट थी. जीडीपी में गिरावट के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं गहराने लगी थीं. रेटिंग एजेंसियों ने आने वाली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान पर कैंची चलाई तो ख़बरें बनीं. इन सबके बीच केंद्र सरकार लगातार इकोनॉमी में तेज रिकवरी के लिए फैसले ले रही थी. तीन बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान हो चुका है. अब कुछ सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं. जीडीपी को लेकर रेटिंग एजेंसियों के सुर कुछ बदले हैं. एक के बाद एक कई रेटिंग एजेंसियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में उम्मीद से तेज रिकवरी का अनुमान जताया है. मार्केट एक्सपर्ट शुभम शंखधार इस बारे में बता रहे हैं.

और ये भी जानिए कि 18 नवंबर की तारीख इतिहास के लिहाज़ से अहम क्यों है.. क्या घटनाएं इस दिन घटी थीं. अख़बारों का हाल भी चंद मिनटों में सुनिए और खुद को अप टू डेट कीजिए. इतना कुछ महज़ आधे घंटे के न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में नितिन ठाकुर के साथ.

'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें

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