Indian Oil Reserves: अफवाह... और फिर पेट्रोल पंपों पर भीड़, लेकिन देश के पास अभी भी इतने दिन का है तेल.. No-Tension!

US-Iran War के बीच दुनिया में भले ही तेल-गैस संकट से हालात बदतर हो रहे हैं, लेकिन भारत सरकार का कहना है कि देश में पेट्रोल-डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है और आने वाले 2 महीनों के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.

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सरकार ने लोगों से पैनिक बायिंग न करने की अपील की. (File Photo: ITG) सरकार ने लोगों से पैनिक बायिंग न करने की अपील की. (File Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:49 PM IST

मिडिल ईस्ट में युद्ध चल रहा है और इसकी वजह से दुनिया में हाय-तौबा मची हुई है. भारत में भी लगातार ऐसी खबरें आ रहीं हैं कि पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरों के बीच कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ लग रही है और हर कोई घबराहट में खरीदारी कर रहा है. इस बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बड़ा अपडेट देते हुए कहा है कि अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है, ऐसे में घबराने या पैनिक बायिंग की जरूरत नहीं है. 

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'घबराएं नहीं, स्थिति कंट्रोल में' 
इंडिया टुडे पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने आयात की पहले ही व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में कोई कमी नहीं आएगी. सरकार का कहना है कि उसके पास लगभग दो महीने के लिए पर्याप्त तेल और ईंधन का भंडार है. इसके साथ ही लोगों से अपील की गई है कि देश में Petrol-Diesel की कमी की अफवाहों पर घबराने की जरूरत नहीं है. वेस्ट एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के हाई पर पहुंची टेंशन  के बीच अधिकारियों ने कहा कि देश की ऊर्जा स्थिति स्थिर है. कोई कमी नहीं है और स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है.

भारत में 2 महीने के लिए 'No Tension' 
देश में तमाम अफवाहों के बीच, सरकार ने भारत की तस्वीर साफ करते हुए कहा है कि हमारे पास लगभग 60 दिनों का कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद हैं. जिसमें करीब 10 दिन तक का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves-SPR) है. इसका मतलब है कि अगर वैश्विक सप्लाई अचानक प्रभावित भी हो जाए, तो भी देश के पास 2 महीने तक अपनी जरूरतें पूरी करने की क्षमता है. देश में तेल की कमी नहीं हो, इसे देखते हुए सभी रिफाइनरियों को फुल कैपेसिटी पर चलाया जा रहा है.  

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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक रिफाइनरियों और कंपनियों के पास करीब 50 दिनों तक की खपत के बराबर का कच्चा तेल (Crude Oil) है, वहीं रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार 9 से 10 दिन का है, जो कि आपात स्थिति के लिए रखा जाता है. यानी देश में तेल की कुल उपलब्धता 60 दिन के लिए है.

Plab-B पर सरकार का फोकस
तेल भंडार पर्याप्त होने के साथ ही सरकार मिडिल ईस्ट टेंशन ने बीच अपने प्लान-बी (Modi Gvt Plan-B) पर भी लगातार फोकस कर रही है. इसमें रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का निर्माण, वैकल्पिक सप्लाई सोर्स जैसे कि पश्चिम अफ्रीकी देशों से तेल खरीदना शामिल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस प्लान-बी के बारे में कहा था कि सरकार अब करीब 41 देशों से तेल-गैस आयात कर रही है, जबकि पहले 27 देशों से एनर्जी इंपोर्ट होता थी.  सरकार लगातार SPR क्षमता को बढ़ाने के लिए अधिक मात्रा में रूसी तेल आयात कर रही है. इसके अलावा रिनुअल एनर्जी और PNG पर सरकार फोकस कर रही है, ताकि तेल में निर्भरता कम हो. बता दें, भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है.

कुल मिलाकर अन्य क्षेत्रों से अधिक उपलब्धता होने के चलते किसी भी व्यवधान की भरपाई कर दी गई है. देश भर की रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर चल रही हैं, जिससे ईंधन का फ्लो देश में स्थिर बना हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि ईरान युद्ध के 27वें दिन में एंट्री ले चुका है और Oil-LPG-LNG की अतिरिक्त खरीद की योजना पहले से ही बनाई जा चुकी है, इसलिए भारत आने वाले महीनों के लिए सुरक्षित है.

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पेट्रोल पंप कर रहे काम, राशनिंग लागू नहीं
देश में आ रहीं पैनिक बायिंग की खबरों के बीच सरकार ने ये भी साफ स्पष्ट कर दिया है कि देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है. सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी राशनिंग सिस्टम लागू नहीं किया गया है. अधिकारियों ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़, दरअसल सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक पोस्टों के बाद देखने को मिली है. 

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