मिडिल ईस्ट में युद्ध (Middle East War) के चलते भारत में गहराए एलपीजी संकट (LPG Crisis India) से सिलेंडरों की मारामारी मची है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पैनिक सिलेंडर बुकिंग या सप्लाई में रुकावट की चिंता के बीच घबराहट में बुकिंग का आंकड़ा 88 लाख से ज्यादा हो गया. इसे देखते हुए दिल्ली में सरकार ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडरों (Commercial LPG Cylinder In Delhi) की आपूर्ति को सीमित किया गया है. रोजाना की कुल खपत 9000 सिलेंडर पर 20% का कैप लगाया है, यानी 1800 सिलेंडर की सप्लाई होगी और जरूरी सेवाओं को कैटेगरी में बांटते हुए कोटा भी रिजर्व किया गया है.
LPG सिलेंडर आपूर्ति पर 20% का कैप
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के बाद Delhi Govt ने ये फैसला लिया है, जिसका उद्देश्य एलपीजी की ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावट के बीच आवश्यक सेवाओं के लिए निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके. सरकार ने दिल्ली में 19 Kg Commercial LPG Cylinder की दैनिक आपूर्ति को औसत खपत के लगभग 20% तक सीमित कर दिया है. रोजाना सप्लाई होने वाले 9000 कमर्शियल सिलेंडरों में से 1800 का वितरण होगा और इन्हें अलग-अलग क्षेत्रों की प्राथमिकता के आधार पर बांटा जाएगा.
कंपनियों का कोटा भी तय
दिल्ली के खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक, तीनों ओएमसी IOCL, BPCL, HPCL द्वारा दिल्ली बाजार में प्रतिदिन औसतन लगभग 9,000 कमर्शियल सिलेंडर की बिक्री होती है और अब दैनिक व्यावसायिक बिक्री का 20 फीसदी ही यानी लगभग 1,800 सिलेंडर वितरण के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे. आदेश में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दैनिक सिलेंडर कोटा को तीनों ओएमसी के बीच उनकी वर्तमान बाजार हिस्सेदारी के अनुपात में बांटा गया है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के लिए 58%, बीपीसीएल 27% और एचपीसीएल का 15% तय किया गया है.
ऐसे बांटे जाएंगे रिजर्व LPG सिलेंडर
सरकार ने जरूरी सेवाओं को 8 कैटेगरी में विभाजित किया है और शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, रेलवे और हवाई अड्डों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. यानी उन्हें उनकी जरूरत के हिसाब से 100% सिलेंडर मुहैया कराए जाएंगे. अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से सिलेंडर कोटा देखें, तो...
कैटेगरी-1: शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, रेलवे और हवाई अड्डे (11%- 200 यूनिट)
कैटेगरी-2: सरकारी विभाग, पब्लिक सेक्टर कैंटीन (13%- 236 यूनिट)
कैटेगरी-3: रेस्टोरेंट और भोजनालय (42%- 762 यूनिट)
कैटेगरी-4: होटल, ह़ॉस्पिटैलिटी, गेस्ट हाउस, ट्रस्ट (4%- 72 यूनिट)
कैटेगरी-5: डेयरी, बेकरी और स्वीट हाउस (11%- 200 यूनिट)
कैटेगरी-6: कैटरिंग और बैंक्वेट हॉल (9%- 162 यूनिट)
कैटेगरी-7: ड्राईक्लीनिंग, पैकेजिंग और फार्मा (1%- 18 यूनिट)
कैटेगरी-8: स्पोर्ट्स, स्टेडियम और अन्य (8%- 150 यूनिट)
रिपोर्ट के मुताबिक, LPG Cylinder Supply तेल-गैस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के सिस्टम के जरिए प्राप्त बुकिंग के आधार पर मैनेज की जाएगी. हालांकि, जहां तत्काल डिलीवरी संभव न हो, वहां वितरण 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर वितरण किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह से कमर्शियल एलपीजी की डिमांड पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है.
आजतक बिजनेस डेस्क