नागर विमानन मंत्रालय एयर इंडिया को 11,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज उपलब्ध कराने के लिए वित्त मंत्रालय के साथ विचार विमर्श कर रहा है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एयर इंडिया के निजीकरण में मिली विफलता के चलते मंत्रालय इस मामले में विचार कर रहा है. एयर इंडिया का लगातार बना हुआ है.
सूत्रों के अनुसार नागर विमानन मंत्रालय एयर इंडिया को राहत पैकेज देने पर विचार कर रहा है ताकि विमानन कंपनी को उसकी ऊंची लागत के कार्यशील पूंजी कर्ज से राहत मिल सके, अभी यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है.
इस संबंध में नागर विमानन सचिव आर. एन. चौबे को भेजे गए सवालों का जवाब नहीं मिला है. वहीं एयर इंडिया प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मामला नागर विमानन मंत्रालय के तहत आता है, हमें इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए.
सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव हालांकि अभी शुरुआती स्तर पर है, लेकिन इसके तहत एयर इंडिया को 11,000 करोड़ रुपये का पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा.
एक सूत्र ने कहा कि एयर इंडिया के खाते को साफ सुथरा बनाने से को निवेशकों के लिये आकर्षक बनाया जा सकेगा. सरकार जब कभी भी इसकी रणनीतिक बिक्री के लिये आगे आयेगी तब यह निवेशकों के लिये आकर्षक होगी.
एयर इंडिया को पिछली यूपीए सरकार ने 2012 में राहत पैकेज दिया था, उसी के बल पर यह अभी तक उड़ान भर रही है.
मार्च 2017 की समाप्ति पर इस राष्ट्रीय विमानन कंपनी पर 48,000 करोड़ रुपये का रिण बोझ था. पिछले महीने ही सरकार ने एयरलाइन में 980 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी डालने संबंधी अनुपूरक अनुदान मांगों को संसद की मंजूरी के लिये पेश किया.
अमित कुमार दुबे