दावोस: चीन के साथ सौदा घाटे की बात, काम का नहीं RCEP: पीयूष गोयल

स्व‍िट्जरलैंड के शहर दावोस में चल रहे WEF की बैठक को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संबोधि‍त किया. उन्होंने कहा कि भारत खासकर चीन जैसे एश‍ियाई देशों से होने वाले भारी व्यापार घाटे से जूझ रहा है. उन्होंने क्षेत्रीय व्यापक आर्थ‍िक साझेदारी (RCEP) समझौते को अव्यावहारिक बताया.

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WEF की बैठक को संबोधि‍त करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (फोटो: @PiyushGoyal) WEF की बैठक को संबोधि‍त करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (फोटो: @PiyushGoyal)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 12:53 PM IST

  • दावोस में चल रही WEF की बैठक को पीयूष गोयल ने संबोधि‍त किया
  • उन्होंने कहा कि चीन जैसे कई देशों से भारत को बड़ा व्यापार घाटा
  • RCEP समझौते को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अव्यावहारिक बताया

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत खासकर चीन और कई अन्य एश‍ियाई देशों से होने वाले भारी व्यापार घाटे से जूझ रहा है और क्षेत्रीय व्यापक आर्थ‍िक साझेदारी (RCEP) समझौता अव्यावहारिक है. स्व‍िट्जरलैंड के शहर दावोस में चल रहे विश्व आर्थ‍िक मंच (WEF) की 50वीं सालाना बैठक के दौरान 'द इंडियन ओशन रिम' सत्र को संबोधि‍त करते हुए गोयल ने यह बात कही.

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क्या कहा गोयल ने

गोयल ने कहा, 'किसी भी समझौते में कई कारकों को ध्यान में रखा जाता है. भारत भारी व्यापार घाटे से जूझ रहा है, खासकर चीन और इस क्षेत्र के अन्य देशों से होने वाले व्यापार में.' गोयल ने कहा कि भारत सरकार यह सुनिश्चित करने के रास्ते तलाश रही है कि दूसरे देशों के साथ व्यापारिक संबंधों में न्यायोचित और समान शर्तों का पालन हो.

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हिंद महासागर क्षेत्र में जबरदस्त तरक्की की संभावनाओं के दोहन के लिए विभ‍िन्न देशों में सहयोग बढ़ाना चाहिए. क्षेत्रीय व्यापक आर्थ‍िक साझेदारी (RCEP) पर बात करते हुए गोयल ने कहा कि इस समझौते का अभी जो मौजूदा स्वरूप है उसके हिसाब से साफतौर से यह एक अव्यावहारिक समझौता है.

भारत ने दिखाया दम

RCEP पर भारत के बाहर आने पर उन्होंने कहा कि पहली बार भारत ने यह दिखाया है कि व्यापार को राजनयिक रिश्ते नहीं हांक सकते. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय व्यापक आर्थ‍िक साझेदारी (RCEP) में क्षेत्रीय विविधता का ध्यान रखना होगा, लेकिन जलवायु परिवर्तन के मसले पर भारत गंभीर है और उचित शर्तों पर व्यापक समझौता करना चाहता है.

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गोयल ने कहा, 'हम हिंद महासगार के केंद्रबिंदु की तरह हैं और हमारा मानना है कि इस क्षेत्र में व्यापक संभावना है. इसके साथ ही भारत जलवायु परिवर्तन के मसले को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित है.'  

गौरतलब है कि दुनिया के दो-तिहाई तेल के जहाज हिंद महासागर से होकर गुजरते हैं और दुनिया की 2.7 अरब जनसंख्या की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंटेनर इसी महासागर से होकर जाते हैं.

दुनिया के दिग्गज जुटे

विश्व आर्थिक मंच (WEF) सम्मेलन की 50वीं बैठक सोमवार यानी 20 जनवरी से शुरू हुई है और यह  24 जनवरी तक चलेगी. स्विटजरलैंड के रिजॉर्ट शहर दावोस में WEF सम्मेलन में दुनियाभर से 3,000 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. इस बैठक में विश्व के कई बड़े चेहरे एक मंच पर नजर आने वाले हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, अफगानिस्तान के अशरफ गनी और इस वार्षिक बैठक में हिस्सा लेंगे.

स्विट्जरलैंड के दावोस में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व कैबिनेट मंत्री पीयूष गोयल कर रहे हैं. उनके अलावा केंद्र में राज्यमंत्री मनसुख लाल मंडाविया, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, पंजाब के वित्त मंत्री और तेलंगाना के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री भी हिस्सा ले रहे हैं. मंत्रियों के अलावा कई प्रमुख उद्योगपति, फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और सद्गुरु भी इसमें शामिल हो रहे हैं.

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