स्पेन की राजधानी मैड्रिड में आसमान छूते किराए, घरों की बढ़ती कीमतों और आवास की भारी कमी के खिलाफ रविवार को हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया.
इस विशाल प्रदर्शन का आयोजन 'मैड्रिड टेनेंट्स यूनियन' द्वारा किया गया था, जिसे स्पेन के दो मुख्य व्यापारिक संघों का भी पूरा समर्थन मिला. आंदोलन के आयोजकों का दावा है कि इस मार्च में 1,00,000 से अधिक लोग शामिल हुए थे, जबकि स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों ने यह संख्या लगभग 23,000 बताई है.
यह विरोध प्रदर्शन प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ की सरकार द्वारा आवास संकट से निपटने के लिए उठाए गए हालिया कदमों के बावजूद हुआ है. प्रदर्शनकारियों का मानना है कि सरकार के प्रयास जमीनी स्तर पर बेअसर साबित हो रहे हैं. हालांकि कुछ आवास उपाय सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन वे बहुत धीमी गति से चल रहे हैं, जबकि दूसरी ओर आवास संकट बहुत तेजी से गंभीर होता जा रहा है.
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आवास की बढ़ती किल्लत
स्पेन के केंद्रीय बैंक का कहना है कि साल 2021 और 2025 के बीच, नए घरों के निर्माण की तुलना में नए परिवारों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे लगभग सात लाख घरों की कमी हो गई है. किराएदारों के संघ के प्रवक्ता फर्नांडो दे लोस सैंटोस ने एएफपी (AFP) समाचार एजेंसी को बताया, "ज्यादा से ज्यादा लोग बेहद तंग और भीड़भाड़ वाले हालातों में रहने को मजबूर हैं. उन्हें कमरें शेयर करने पड़ रहे हैं या दूसरे परिवारों के साथ रहना पड़ रहा है."
यूरोपीय संघ (EU) की सांख्यिकी एजेंसी यूरोस्टेट के अनुसार, साल 2025 में आवास की लागत में सालाना आधार पर लगभग 13% की बढ़ोतरी हुई. इस संकट से निपटने के लिए, सरकार ने पिछले महीने अगले चार वर्षों में अधिक सार्वजनिक आवास बनाने के लिए 7 बिलियन यूरो ($8.23 बिलियन) की एक नई योजना को मंजूरी दी है. इसमें युवा किरायेदारों और घर खरीदारों के लिए सहायता भी शामिल है.
हॉलिडे रेंटल्स को लेकर गुस्सा
प्रदर्शनकारियों की एक और प्रमुख मांग यह है कि सरकार पर्यटकों को किराए पर दिए जाने वाले घरों पर सख्त कार्रवाई करें. स्पेन में पर्यटन के बढ़ते दौर के दौरान, शहरों के मुख्य केंद्रों में हॉलिडे होम्स तेजी से बढ़े हैं, जिनकी रफ्तार पिछले कई सालों से होटलों की बढ़त से भी ज्यादा रही है. लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इन हॉलिडे रेंटल्स के फैलने से घरों का किराया और संपत्तियों की कीमतें बढ़ रही हैं. अब स्थानीय निवासियों के लिए आवास सुरक्षित रखने का दबाव बढ़ने के कारण प्रशासन नियमों को कड़ा कर रहा है.
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