Advertisement

बिजनेस

न MBA-न मैनेजमेंट की पढ़ाई, फिर भी बड़े-बड़े CEO हैं इनके मुरीद

विकास जोशी
  • 18 मई 2018,
  • अपडेटेड 4:30 PM IST
  • 1/12

मुंबई के डब्बावाले ऑफ‍िसों में लंच पहुंचाने के बाद अब पार्सल डिलीवरी के कारोबार में भी उतरने की तैयारी कर रहे हैं. अपने कौशल और काम में बेहतर प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले ये लोग एमबीए और मैनेजमेंट की ड‍िग्री वालों को भी मात देते हैं.

  • 2/12

मुंबई के इन डब्बावालों के पास न तो बिजनेस मैनेजमेंट कॉलेज की ड‍िग्री है और न ही किसी बड़ी कंपनी में काम करने का अनुभव ही है. इनमें से कोई भी ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है. लेक‍िन ये बड़ी-बड़ी कंपनियों के लिए मिसाल बन चुके हैं. दुनिया के कई बड़े सीईओ इनके काम करने के तरीके से प्रभावित हैं.

  • 3/12

मुंबई डब्‍बावाला से जुड़ा हर व्‍यक्ति औसतन आठवीं पास है, लेक‍िन इनका काम बड़े-बड़े डिग्रीधारियों को फेल करता है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फेड एक्‍स और हिंदुस्तान यूनीलिवर जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां इनसे मार्केटिंग टिप्‍स ले चुकी हैं.

Advertisement
  • 4/12

नूतन मुंबई टिफिन बॉक्‍स सप्‍लायर्स एसोसिएशन के बैनर तले काम करने वाले मुंबई डब्‍बावालों के वर्जिन एयरलाइंस प्रमुख रिचर्ड ब्रैंसन और प्रिंस चार्ल्‍स भी मुरीद हैं.

  • 5/12

मुंबई डब्बावालों की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक 128 साल पुरानी इस सर्विस की शुरुआत महादेव हावजी बचे ने की थी. इनका काम पारसी और ब्रिटिश अध‍िकारियों के घर से टिफिन बॉक्‍स उनके ऑफिस तक पहुंचाना होता था. मुंबई डब्‍बावाला दुनिया में बेहतर सर्विस प्रोवाइड करने के लिए जाने जाते हैं.

  • 6/12

मुंबई डब्‍बावाला एसोसिएशन का हर एक कर्मचारी उसका शेयरहोल्‍डर है. इसमें 5000 से भी ज्‍यादा लोग डब्‍बा पहुंचाने का काम करते हैं. ये लोग साल के 365 दिन काम करते हैं.

Advertisement
  • 7/12

वेबसाइट के मुताबिक आज भी ये अपने काम को निभाने के लिए उस तकनीक को फॉलो करते हैं, जो इसके संस्थापक ने तैयार की थी. इसके लिए ये लोग किसी भी मॉडर्न टेक्नोलॉजी की मदद नहीं लेते.

  • 8/12

लोकल ट्रेन का सफर तय करके उन्‍हें उनकी सही डेस्टिनेशन पर पहुंचाया जाता है. यहां से उन्हें एरिया वाइज लंच बॉक्‍स को उनकी अंतिम डेस्टिनेशन तक पहुंचाया जाता है. डब्‍बावालों का पूरा काम महज लोकल ट्रेन और साइकिल के सहारे चलता है.

  • 9/12

बता दें कि मुंबई के डब्‍बावाला एसोसिएशन का एक्‍यूरेट काम देखकर फेडएक्‍स इनकी मार्केटिंग टेक्निक पर अध्‍ययन कर चुकी है. एचयूएल और कोकाकोला जैसी कंपनियां इनके साथ मिलकर मार्केटिंग कैंपेंन भी कर चुकी है.

Advertisement
  • 10/12

अब ये सिर्फ डब्‍बा डिलीवर करने का काम नहीं करते, बल्कि ये लोग मैनेजमेंट स्‍कूल्‍स और कंपनियों के प्रतिनिध‍ियों और कर्मचारियों को मैनेजमेंट के गुर भी सिखाते हैं. इन्होंने कई कंपनियों के कर्मचारियों के लिए सेमिनार भी किया है.

  • 11/12

वेबसाइट के मुताबिक वर्जिन एयरलाइंस प्रमुख रिचर्ड ब्रैंसन मुंबई डब्‍बावालों के काम से इतने खुश हुए थे कि 2005 में ज‍ब वह भारत आए तो वे इनसे मिलने भी पहुंचे. वह न सिर्फ इनसे मिलने पहुंचे, बल्कि उन्होंने मुंबई स्थ‍ित अपनी कंपनी के ऑफ‍िस में डब्बा भी पहुंचाया था. 

  • 12/12

यही नहीं,  नवंबर 2003 में जब प्रिंस चार्ल्‍स भारत के दौरे पर आए, तो उन्‍होंने मुंबई डब्‍बावालों से भी मुलाकात की थी. डब्‍बावालों के काम से खुश होकर प्रिंस चार्ल्‍स ने प्रिंस विलियम्‍स की शादी में डब्‍बावालों को भी इनवाइट किया था.

Advertisement

लेटेस्ट फोटो

Advertisement