इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. अब महज 10 दिन रह गए हैं. इस दौरान आप अगर किसी वजह से आय कर रिटर्न फाइल नहीं करते हैं, तो आपको अनुपालन नोटिस (कंप्लायंस नोटिस) आ सकता है.
कब आता है ये नोटिस:
अगर आपको लगता है कि आपकी आय टैक्स दायरे में नहीं आती है. या फिर आप हर साल रिटर्न भरते हैं, लेकिन किसी एक साल आपको लगा कि आपकी आय टैक्स दायरे में नहीं आती है और आप ने रिटर्न नहीं फाइल किया. ऐसे में आपको कंप्लायंस नोटिस आ सकता है.
जब आय कर विभाग को लगता है कि आप ने आईटीआर फाइल नहीं किया है या फिर आप ने टैक्स नियमों का अनुपालन नहीं किया है, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 143(2) के तहत नोटिस भेजा जाता है.
कैसे दें जवाब?
टैक्स एक्सपर्ट और चार्टर्ड अकाउंटंट संदीप शर्मा बताते हैं कि अगर आपको कोई ऐसा नोटिस आता है, तो सबसे पहले आपको इस नोटिस के आने की वजह का पता करना होगा. वह हिदायत देते हैं कि इसका जवाब देने से पहले किसी जानकार से इस संबंध सलाह मशविरा कर लें, उसके बाद ही जवाब दाखिल करें.
दरअल आय कर विभाग ने नॉन-फाइलर्स मॉनिटरिंग सिस्टम (NMS) प्रोजेक्ट तैयार किया है. इसके तहत आय कर न भरने वालों के खिलाफ त्वरित एक्शन लिया जाता है. इसमें ज्यादातर ऐसे मामले शामिल होते हैं, जहां आय कर विभाग को लगता है कि संबंधित व्यक्ति की टैक्स देनदारी बनती है. इन लोगों को विभाग एसएमएस, ईमेल और पत्र के जरिये यह जानकारी पहुंचाता है.
कहां देखें नोटिस?
अगर आपको कोई नोटिस भेजा जाता है, तो आप उसे विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन कर देख सकते हैं. यही नहीं, आप इसी के जरिये इनका जवाब भी दे सकते हैं. जानें जवाब देने की पूरी प्रोसेस.
स्टेप 1:
सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन कर आपको 'माय लॉग-इन' मेन्यू में जाकर 'कंप्लायंस पोर्टल' सेलेक्ट करना होगा. कन्फर्म करने के बाद पोर्टल आपके सामने खुल जाएगा. यहां आपको भेजे गए नोटिस दिख जाएंगे.
स्टेप 2:
यहां आपको दो विकल्प मिलेंगे. 1.View and submit my compliance, 2. View my submission. पहले वाले विकल्प में आपको डिपार्टमेंट रिकॉर्ड के हिसाब से आईटीआर फाइल न करने को लेकर जानकारी मिलेगी. इसके साथ ही अगर डिपार्टमेंट को किसी भी तरह की थर्ड पार्टी इंफोर्मेशन चाहिए होगी, तो वह भी आपको यहां दिख जाएगा.
स्टेप 3:
इस मामले में आप दो विकल्पों में से एक चुन सकते हैं. इसमें एक है, 'रिटर्न भरा जा चुका है.' या फिर 'रिटर्न फाइल नहीं हुआ है.' अगर आप ने रिटर्न फाइल कर लिया है और आपको फिर भी नोटिस आया है, तो आप पहले विकल्प को चुन सकते हैं. हालांकि इसके साथ ही आपको एकनोलेजमेंट नंबर, रिटर्न फाइल करने की तारीख समेत अन्य जानकारी देनी होंगी. अगर आप ने ई-रिटर्न फाइल किया है तो सभी जानकारी अपने आप अपडेट हो जाएंगी.
स्टेप 4:
लेकिन अगर आप दूसरा विकल्प चुनते हैं कि रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो आपको जवाब के लिए चार विकल्प मिलेंगे. इसमें पहला, रिटर्न की तैयारी जारी है. दूसरा, कारोबार बंद हो चुका है. तीसरा, टैक्सेबल इनकम नहीं है. चौथा, अन्य (अदर्स). जब आप चौथा विकल्प चुनते हैं, तो आपको इसमें टिप्पणी लिखना जरूरी होता है.
स्टेप 5:
जैसे ही आप ने सभी जरूरी जानकारी एंटर कर दी. सब्मिट बटन दबा दें और आपका जवाब दर्ज हो जाएगा. इसी तरह आपको दूसरे विकल्प का भी जवाब देना है. जहां आप से थर्ड पार्टी से जुड़ी कोई भी जानकारी मांगी जाती है. इसमें आपको तकरीबन 11 तरह के विकल्प मिलते हैं, जिनके जरिये आप जवाब दे सकते हैं.
स्टेप 6:
जैसे ही आप अपना जवाब सब्मिट कर देंगे. आपके जवाब को आय कर विभाग अपने स्तर पर जांचेगा. अगर आपका जवाब संतोषजनक हुआ, तो केस बंद कर दिया जाएगा. आप समय-समय पर अपने जवाब और उसको लेकर हो रही कार्यवाही का अपडेट ई-फाइलिंग पोर्टल से पता करते रह सकते हैं. (सभी फाेटो प्रतीकात्मक)