आनंद महिंद्रा अपने ट्विटर अकाउंट पर कई मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं. कुछ दिन पहले उन्होंने एक ऐसा ट्वीट शेयर किया था, जिसमें 10 मिनट में ग्रॉसरी डिलीवरी को 'अमानवीय' बताया गया था. लेकिन 10 मिनट डिलीवरी के बारे में उन्हें अब सही जानकारी देने का काम किया है Zepto के फाउंडर Aadit Palicha ने...
जब महिंद्रा ने कहा 'अमानवीय'
आनंद महिंद्रा ने कुछ दिन पहले ट्विटर पर (Anand Mahindra Twitter) टाटा मेमोरियल (Tata Memorial) के डायरेक्टर प्रमेश का एक ट्वीट री-ट्वीट किया था. उनके इस ट्वीट को लेकर महिंद्रा ने अपनी सहमति भी जताई थी. प्रमेश ने लिखा था, 'मुझे परवाह नहीं कि इस ट्वीट के लिए मुझे कितना ट्रोल किया जाएगा, लेकिन 10 मिनट में राशन की डिलीवरी करवाना हकीकत में डिलीवरी पर्सन के साथ सिर्फ 'अमानवीयता' है. बस बंद करो इसे.! ग्राहक 2 घंटे क्या 6 घंटे के डिलीवरी टाइम के साथ भी जिंदा रह सकते है.' इस ट्वीट में स्विगी और उबर ईट्स को टैग किया गया था.
I agree…
— anand mahindra (@anandmahindra)Zepto के सीईओ ने दिया ये जवाब
आनंद महिंद्रा की इस बात का जवाब दिया Zepto के प्रमुख आदित पलीचा ने, उन्होंने महिंद्रा को 10-Minute Delivery का कॉन्सेप्ट समझाया.
पलीचा ने लिखा, ' हाय मिस्टर महिंद्रा, 10-मिनट डिलीवरी छोटी दूरी के लिए है, ना कि तेज स्पीड के लिए. जेप्टो की एक डिलीवरी के लिए औसत दूरी 1.8 किमी है. 10-मिनट में 1.8 किमी की दूरी तय करने के लिए एक डिलीवरी बॉय को 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी कम पर गाड़ी चलानी होगी. शायद यही कारण है कि Zepto के ड्राइवर के बीच एक्सीडेंट की दर सड़क पर आम बाइक चलाने वालों की तुलना में 3.1 गुना कम है.'
आनंद महिंद्रा ने इस ट्वीट के बारे में लिखा है, 'दूसरे पक्ष के दृष्टिकोण को भी सुना जाना उचित है.'
Only fair to hear another point of view…
— anand mahindra (@anandmahindra)Zepto, ग्रॉसरी होम डिलीवरी सेगमेंट काम करने वाली कंपनी है. इस सेगमेंट में Zomato से लेकर Swiggy और blinkit से लेकर Ola तक के बीच में 10 मिनट में फूड डिलीवरी और ग्रॉसरी डिलीवरी की एक रेस शुरू हो गई है. कंपनियों की इस सर्विस को लोग डिलीवरी पर्सन के लिए काफी खतरनाक बता रहे हैं. अलग-अलग मंचों पर इस सर्विस की आलोचना हो रही है.
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