US Vs Iran: 'तो गल्फ की तेल इंडस्ट्री तबाह होगी...', ट्रंप की एक जिद और ईरान की धमकी, दुनिया भर में मचेगा कोहराम

Donald Trump ने ईरान युद्ध में दो हफ्ते के सीजफायर की मियाद को बढ़ा दिया है, लेकिन दोनों पक्षों में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी और धमकियों का सिलसिला लगातार जारी है.

Advertisement
यूएस-ईरान में बढ़ी जंग तो मचेगा कोहराम. (Photo: ITG) यूएस-ईरान में बढ़ी जंग तो मचेगा कोहराम. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:06 PM IST

वेस्ट एशिया की जंग में सीजफायर जरूर चल रहा है, लेकिन अमेरिका और ईरान दोनों में तनातनी का सिलसिला जारी है. खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप अपनी जिद पर अड़े हैं और ईरान को तबाह करने की चेतावनी देते नजर आ रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी मानने को तैयार नहीं है और उसकी धमकियों का सिलसिला भी जारी है. 

Advertisement

ऐसे में ग्लोबल टेंशन चरम पर नजर आ रही है और इसका अंदाजा क्रूड की कीमतों में उछाल के रूप में देखने को मिल रहा है. अगर दोनों में संघर्ष बढ़ता है, तो दुनिया में तेल-गैस को लेकर कोहराम मचना तय है, क्योंकि सीजफायर से पहले बीते 51 दिन के युद्ध के दौरान होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) बंद होने का असर दुनिया के तमाम देशों ने झेला है. 

सीजफायर बढ़ा, लेकिन टेंशन जारी
US-Iran Ceasefire जरूर चल रहा है और इसे मियाद खत्म होने के बाद बढ़ाया भी गया है. लेकिन इसके लिए जरूरी शर्तों पर दोनों ही पक्ष अलग-अलग रुख अपनाए हुए हैं. ऐसे में युद्ध बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. ट्रंप होर्मुज ओपन करने, कच्चे तेल पर डील को लेकर लगातार अपनी शर्तें थोपने की जिद पर अड़े हैं और ईरान के न मानने पर वहां के पावर प्लांट्स से लेकर तेल के कुओं को उड़ाने की बात कह रहे हैं. 

Advertisement

Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपने हालिया पोस्ट में यहां तक कह दिया कि ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा. ट्रंप ने एक और पोस्ट में लिखा कि ईरान पैसे के मामले में डूब रहा है! वो कैश के लिए तरस रहा है! हर दिन 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है, उनकी मिलिट्री और पुलिस शिकायत कर रही है कि उन्हें पेमेंट नहीं मिल रही है.

ट्रंप की धमकियों पर ईरान का भी तगड़ा रिएक्शन रहा है और वो खाड़ी देशों पर अटैक की चेतावनियां देता हुए नजर आ रहा है. बीते दिनों ईरानी संसद सदस्य ने यहां तक कह दिया था सस्ता पेट्रोल अब भूल जाइए.  ईरान की ओर से ये बयान भी आया कि ट्रंप द्वारा बढ़ाए गए सीजफायर का उसके लिए कोई महत्व नहीं है.

अभी क्या है Hormuz का हाल?
यहां बात करें, होर्मुज स्ट्रेट की ताजा स्थिति की, तो सीजफायर के बावजूद इसके ओपन होने की उम्मीद कम नजर आ रही है. अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी है और ईरानी झंडे वाले जहाजों को जब्त किया जा रहा है. वहीं ईरान भी एक्शन में है और लगातार होर्मुज को किसी भी दबाव में न खोलने की बात कह रहा है. 

Advertisement

अमेरिका-ईरान युद्ध से सबसे बड़ा आर्थिक और भौतिक नुकसान भले ही ईरान को हुआ है, लेकिन इसकी चपेट में तमाम खाड़ी देश भी आए. दुनिया को तेल-गैस की सप्लाई के लिए अहम इराक, लेबनान, इजरायल, सऊदी अरब और कुवैत शामिल हैं, जहां जानमाल का भारी नुकसान हुआ है. बता दें कि ईरानी कंट्रोल वाले Hormuz Strait की दुनिया के लिए खासी अहमियत है, क्योंकि तेल-गैस की कुल खपत के 20 फीसदी की आवाजाही के लिए ये महत्वपूर्ण समुद्री रूट है. 

इन देशों की बढ़ेगी टेंशन
होर्मुज स्ट्रेटबंद होने से पाकिस्तान, बांग्लादेश से लेकर चीन, ताइवान, श्रीलंका, साउथ कोरिया तक हाल-बेहाल नजर आए हैं. कहीं कोरोना जैसे प्रतिबंध ऊर्जा सुरक्षा के लिए लागू किए गए, तो कहीं नहाने, धोने से लेकर मोबाइल-कार चार्ज करने तक पर नए नियम लागू कर दिए गए.  चीन को कई मौकों पर तेल-गैस संकट से बिलबिलाया नजर आया है और खुलकर ईरान का समर्थन करता दिखा है.

खासतौर पर इन देशों की चिंता बढ़ती नजर आ रही है, जिनकी एनर्जी सिक्योरिटी खतरे में है और जो ईरान से तेल आयात पर ज्यादा निर्भर हैं. अगर अमेरिका और ईरान में बात नहीं बनती है और युद्ध तेज होने से तेल-गैस सुविधाओं पर अटैक होते हैं, तो ये संकट और भी गहरा जाएगा और तेल-गैस आयात पर निर्भर देशों की इकोनॉमी के लिए भी बहुत बड़ा झटका होगा और महंगाई का भी कोहराम देखने को मिल सकता है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement