अमेरिका के साथ युद्ध में ईरान (US VS Iran) लगातार डटा हुआ नजर आ रहा है, लेकिन पाकिस्तान में शांति वार्ता फेल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लिए गए होर्मुज नाकाबंदी के फैसले से उसकी ट्रेड लाइफलाइन संकट में नजर आ रही है. रिपोर्ट की मानें, तो US Hormuz Blocked के चलते ईरान को हर रोज 435 मिलियन डॉलर (करीब 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा) का नुकसान उठाना पड़ सकता है, जो Iran Economy पर बड़ा अटैक साबित हो सकता है.
होर्मुज पर सोमवार से ही US की नाकाबंदी
बता दें कि बीते सप्ताह Pakistan के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे चली शांति वार्ता बेनतीजा साबित हुई थी और अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वैंस ने इसे ईरान के लिए बुरी खबर करार दिया था. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप के तेवर और सख्त हो गए और उन्होंने 13 अप्रैल सोमवार से ईरान बंदरगाहों की नाकाबंदी का ऐलान कर दिया.
एक पॉलिसी एक्सपर्ट FDD के सीनियर फेलो मियाद मालेकी ने अमेरिका के इस कदम से ईरान पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव की तस्वीर पेश की है. उन्होंने कहा है कि इस नाकाबंदी के लागू होने से ईरान को अपने व्यापार में रोजाना करीब 435 मिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा सकता है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने (CENTCOM) कहा है कि नौसेना की यह नाकाबंदी अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी समेत ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले या वहां से निकलने वाले सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी. हालांकि, यह होर्मुज स्ट्रेट से होकर गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों को नहीं रोकेगी.
एक्सपर्ट ने पेश की ये तस्वीर
विदेश नीति संस्थान FDD के सीनियर फेलो मियाद मालेकी का कहना है कि अमेरिका के इस कदम का ईरान पर आर्थिक प्रभाव तत्काल और गंभीर हो सकता है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, 'होर्मुज स्ट्रेट की अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी से ईरान को निर्यात में लगभग 276 मिलियन डॉलर प्रतिदिन का नुकसान होगा और आयात में 159 मिलियन डॉलर प्रतिदिन का झटका लगेगा, ऐसे में रोजाना होने वाले कुल आर्थिक नुकसान का आंकड़ा करीब 435 मिलियन डॉलर होगा.'
उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि ईरान के सालाना व्यापार का करीब 90 फीसदी से अधिक हिस्सा फारस की खाड़ी से होकर गुजरता है और इसकी वैल्यू लगभग 109.7 अरब डॉलर है. इस कुल निर्यात से होने वाली इनकम का 80% और देश के सकल घरेलू उत्पाद (Iran GDP) का लगभग एक चौथाई हिस्सा तेल और गैस (Oil & Gas) से आता है.
रातोरात बंद हो जाएगी इनकम
मालेकी ने इसे ईरान की ट्रेड लाइफलाइन (Iran Trade Lifeline) पर बड़ा संकट करार दिया है. उन्होंने कहा है कि ईरान रोज करीब 15 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात कर रहा है, जिससे उसे प्रतिदिन लगभग 139 मिलियन डॉलर की इनकम हो रही है. अमेरिकी नाकाबंदी से यह रातोंरात बंद हो जाएगी. उन्होंने एक और डराने वाली बात बताते हुए कहा कि कच्चे तेल के निर्यात का 92% हिस्सा संभालने वाला खार्ग द्वीप भी प्रभावित क्षेत्र में स्थित है.
आजतक बिजनेस डेस्क