वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हवाई हमले हुए हैं. वेनेजुएला की राजधानी समेत 7 जगहों पर हवाई हमले हुए हैं. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, राजधानी समेत 4 शहरों के रणनीतिक ठिकानों पर ये संदिग्ध हमले किए गए हैं. वेनेजुएला का कहना है कि यह हवाई हमला अमेरिका ने किया है.
हालांकि अब ये सवाल उठ रहा है कि यह हमला क्यों किया गया है और अमेरिका-वेनेजुएला के बीच तनाव क्यों है? जबकि एक समय ऐसा था कि अमेरिका बड़ी मात्रा में वेनेजुएला से कच्चे तेल (Crude Oil) का आयात करता था और दोनों देशों के प्रति व्यापारिक रिश्ते सुलझे हुए थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इसके पीछे की वजह ड्रग्स सप्लाई और लोकतांत्रिक संकट बता चुके हैं. अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला भारी मात्रा में अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी हो रही है और वेनेजुएला से प्रवासियों की भी एंट्री हो रही है. इतना ही नहीं वेनेजुएला में मादुरो सरकार आने के बाद लोकतंत्र कमजोर हुआ है, जिस कारण वेनेजुएला के तेल पर प्रतिबंध भी लागू है और इसके बाद से तनाव बढ़ा है. लेकिन वहीं जानकार इसे असली खेल तेल और उसके दाम को मानते हैं. यहां तक की वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने भी आरोप लगाया है कि अमेरिका वेनेजुएला पर पूरा कंट्रोल चाहता है. आइए विस्तार से समझते हैं कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच यह तेल का गेम है क्या?
जब हर दिन वेनेजुएला से तेल खरीदता था अमेरिका
यूनाइटेड स्टेट गवर्नमेंट अकाउंटबिलिटी ऑफिस की फरवरी 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका साल 2018 में हर दिन वेनेजुएला से कच्चा तेल करीब 5 लाख बैरल तेल आयात करता था, जो उसके कुल कच्चे तेल की 6.5 % हिस्सा था . अमेरिका के लिए यह हैवी तेल का एक अच्छा सोर्स है, क्योंकि इसके तेल में सल्फर की मात्रा ज्यादा होती है.
अचानक अमेरिका ने क्यों लगाया वेनेजुएला पर बैन?
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका ने सिर्फ कूटनीतिक दबाव के कारण ही प्रतिबंध नहीं लगाया, बल्कि वेनेजुएला के तेल को लेकर भी प्रतिबंध लगाया. लेकिन अमेरिका ने कहा था कि वह तेल को राजनैतिक हथियार के तौर पर यूज करेगा, क्योंकि अमेरिका का कहना था कि वेनेजुएला में मादुरो सरकार आने के बाद से लोकतंत्र कमजोर हुआ और वह मादुरो सरकार के खिलाफ सख्त दबाव बनाना चाहता था. यह प्रतिबंध इसलिए लागू किया गया, क्योंकि अमेरिका को उनकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मानवाधिकारों की चिंता थी.
फिर अमेरिका ने असली गेम शुरू किया और वेनेजुएल की सरकारी कंपनी PDVSA पर 2017–2019 के दौरान कई सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए. इधर, अमेरिकी कंपनियों को भी आदेश दिया कि वह वेनेजुएला से तेल ना खरीदें. साल 2018 के दौरान वेनेजुला से तेल का आयात 5 लाख बैरल था, लेकिन इसके बाद तेल का आयात तेजी से गिरा और 2020 में यह खरीद 0 हो गई.
वेनेजुएला ने चीन को बेचे तेल, फिर और बढ़ा तनाव
इसके बाद फिर वेनेजुएला ने अपने तेल की सप्लाई शुरू करने के लिए चीन जैसे देशों की ओर रुख किया. वेनेजुएला ने अमेरिका से तेल सप्लाई बंद होने के बाद चीन, रूस और ईरान को डिस्काउंट पर तेल की सप्लाई की. वेनेजुएला के इस फैसले के बाद अमेरिका और उसके बीच और तनाव बढ़ गया.
ड्रग्स की वहज से हमला?
साल 2018 से ही अमेरिका वेनेजुएला पर ड्रग्स को लेकर कार्रवाई करता रहा है. 2018 में से अमेरिका ने कुछ वेनेजुएला के वरिष्ठ अधिकारियों को नैरोकोट्रैफिकिंग, मनी लॉड्रिंग के आरोपों में दुनिया भर के प्रतिबंधित लिस्ट में डाल दिया है. इसके बाद मार्च 2020 में मादुरो समेत कई सीनियर के खिलाफ नारकोट्रैफिकिंग के आरोप के साथ अभियोग जारी किया.
सितंबर 2025 में अमेरिका ने वेनेजुएला के पास एक जहाज को निशाना बनाया, जिसे लेकर अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह जहाज़ ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा था. दिसंबर 2025 में एक डॉक क्षेत्र पर सीआईए ड्रोन हमला किया, जिसे लेकर अमेरिका ने बताया कि यह ड्रग्स नेटवर्क अभियान के खिलाफ हमला था. वहीं अब वेनेजुएला के 7 जगहों पर हवाई हमले हुए हैं. वेनेजुएला सरकार ने माना है कि यह हवाई हमला अमेरिका की तरफ से किया गया है.
हिमांशु द्विवेदी