अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को तगड़ा झटका दिया है और उनके द्वारा किए गए टैरिफ अटैक को गैरकानूनी करार दिया है. US Supreme Court ने अपने फैसले में साफ कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार ही नहीं है और ऐसा करके उन्होंने कानून तोड़ा है. जिस Trump Tariff को कोर्ट ने अवैध करार दिया है, उससे अमेरिका को जमकर कमाई हुई है. आंकड़ों पर नजर डालें, तो बीते साल 2025 में इससे आया रेवेन्यू 200 अरब डॉलर के आस-पास रहा.
इमरजेंसी के कानून का गलत इस्तेमाल
सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से पहले एक निचली अदालत की ओर से भी इसे गैरकानूनी बताया गया था और अब US SC के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स के 6-3 के फैसले में इसे सही ठहराया गया है. बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाई टैरिफ लगाने के लिए इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) को हथियार बनाया था, लेकिन कोर्ट का कहना है कि 1977 में लागू ये कानून राष्ट्रपति को सिर्फ राष्ट्रीय आपातकाल के समय में व्यापार को रेग्युलेट करने की अनुमति देता है, लेकिन ट्रंप ने बिना ऐसी किसी स्थिति के इसका इस्तेमाल किया, जो गलत है.
बीते साल ट्रंप ने शुरू किया था टैरिफ अटैक
भले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है, लेकिन इससे अमेरिका की जमकर कमाई हुई है. दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभालने के साथ ही उन्होंने टैरिफ अटैक के संकेत दे दिए थे और 2 अप्रैल तो उन्होंने तमाम देशों पर अपने हिसाब से Reciprocal Tariff लगाने का ऐलान कर दिया था. एक ओर इससे ट्रेड वॉर की स्थिति बनी, तो वहीं अमेरिका को ताबड़तोड़ कमाई भी हुई है. अमेरिकी राजस्व का बड़ा हिस्सा बीते साल टैरिफ से आया.
टैरिफ से अमेरिका को इतनी कमाई
साल दर साल अमेरिका को टैरिफ से अच्छी खासी कमाई होती रही है. लेकिन 2025 में ट्रंप द्वारा संशोधित किए जाने के बाद इससे आने वाले रेवेन्यू में तूफानी उछाल आया है. वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स द्वारा यूएस ट्रेजरी, सीबीपी, अमेरिकन एक्शन फोरम और सीआरएफबी के हवाले से शेयर किए गए आंकड़ों को देखें, तो 2025 में Tariff Revenue 195 अरब डॉलर से 217 अरब डॉलर के दायरे में आया है. जबकि इससे पिछले सालों का डेटा देखें, तो...
| साल | टैरिफ रेवेन्यू |
| 2016 | 33 अरब डॉलर |
| 2017 | 34 अरब डॉलर |
| 2018 | 41 अरब डॉलर |
| 2019 | 71 अरब डॉलर |
| 2020 | 63 अरब डॉलर |
| 2021 | 85 अरब डॉलर |
| 2022 | 108 अरब डॉलर |
| 2023 | 89 अरब डॉलर |
| 2024 | 77 अरब डॉलर |
रिपोर्ट की मानें तो पेन-व्हार्टन बजट मॉडल के इकोनॉमिस्ट द्वारा प्रकाशित अनुमानों के मुताबिक, IEEEPA के तहत लगाए गए Tariff से 175 अरब डॉलर से अधिक की राशि एकत्र की गई थी, जो 14 दिसंबर 2025 से पहले के हैं. Donald Trump ने अनुमान लगाया था कि इन शुल्कों से अगले एक दशक में खरबों डॉलर की इनकम होगी. हालांकि अब कोर्ट ने उम्मीदों के खिलाफ फैसला दिया है.
आजतक बिजनेस डेस्क