ईरान और अमेरिका के बीच जंग से होर्मुज स्ट्रेट से तेल-गैस की सप्लाई बाधित हुई तो भारत ने रूसी तेल के आयात में जबरदस्त इजाफा किया है. भारत ने मार्च में रूस से कच्चे तेल की खरीद में भारी बढ़ोतरी दर्ज की. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने फरवरी की तुलना में मार्च में 90 फीसदी ज्यादा तेल का आयात किया है.
वहीं वेस्ट एशिया में चल रहे वॉर के कारण देश के कुल कच्चे तेल की खपत में लगभग 15% की गिरावट आई. ब्लूबर्ग की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि जंग के कारण होमुर्ज बंद होने से भारत पर तेल-गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिस कारण पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के आयात में 40% की गिरावट आई. साथ ही नेचुरल गैस की सप्लाई भी बाधित हुई है.
इस कारण भारत को दूसरे विकल्प की तलाश करनी पड़ी और यही कारण रहा कि भारत ने रूसी तेल की जबरदस्त खरीद की. रिपोर्ट यह भी कहती है कि यह उछाल अमेरिका के 30 दिनों की छूट के बाद आई है. हालांकि रूस के अलावा भारत ने कुछ और देशों से तेल का आयात बढ़ाया है.
रूस के साथ इन देशों से भी तेल का आयात
इसमें अंगोला, गैबॉन, घाना और कांगो जैसे अफ्रीकी देश शामिल हैं, जहां से भातर की ओर कच्चे तेल की खेप भरकर आ रही है, लेकिन यह रूसी तेल की तुलना में कम है. केप्लर के अनुसार, मिडिल ईस्ट सप्लायर द्वारा होर्मुज को बाईपास करने वाली पाइपलाइनों के माध्यम से आपूर्ति को फिर से शुरू करने से कुछ राहत मिली, जिसमें सऊदी और यूएई की पाइपलाइन शामिल हैं. इन वैकल्पिक मार्गों ने समुद्री बाधाओं के बावजूद आंशिक आपूर्ति बनाए रखने में मदद की.
ईरान और वेनेजुएला से भी तेल सप्लाई
छूट के कारण अप्रैल तक भारत रूसी तेल की खरीद तो कर सकता है, जिससे भारत के पास पर्याप्त स्टॉक हो सकता है. हालांकि इसके साथ ही भारत के पास वेनेजुएला और ईरान के तेल का ऑप्शन भी खुला हुआ है. ईरान से भारत ने कुछ तेल का आयात किया है, जो आगे भी जारी रह सकता है.
कहां से पूरी हो रही गैस की सप्लाई
रूस के साथ ही भारत की गैस सप्लाई अमेरिका, ओमान, अंगोला और नाइजीरिया से हो रही है, क्योंकि कतर से एलएनज आयात में 92 फीसदी की गिरावट आई है. भारत कतर से सबसे ज्यादा गैस का आयात करता था, लेकिन अब सप्लाई बाधित होने से भारत ने अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाया है.
चीन को झटका
इधर, भारत द्वारा रूसी तेल के आयात में इजाफा किए जाने के कारण चीन को झटका लगा है. कुछ रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन द्वारा रूसी तेल आयात में कमी देखी गई है, लेकिन यह बहुत बड़ी गिरावट नहीं है. जनवरी फरवरी में चीन ने रूस से ज्यादा तेल आयात किया था, लेकिन मार्च में इसमें 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है.
आजतक बिजनेस डेस्क