होर्मुज बंद होने और ईरान-अमेरिका जंग ने दुनियाभर के लिए टेंशन पैदा करने के साथ ही एक चेतावनी भी दी है. खासकर भारत जैसे देश के लिए, जो एनर्जी आयात पर पूरी तरह से निर्भर हैं. यही कारण है कि भारत अब अपने एनर्जी को लेकर कई तरह की रणनीतियों पर काम कर रहा है.
अभी हाल ही में OPEC संगठन में तनाव देखा गया है. इस संगठन से UAE जैसे देश अलग होना चाहते हैं. ऐसे में भारत ने इस मौके को लपकते हुए UAE के साथ तेल और गैस पर बड़ी डील की है. एक्सपर्ट का कहना है कि OPEC संगठन का कमजोर होना भारत के लिए अच्छा होगा.
उन्होंने तेल की कीमतों के अलावा, वर्ल्ड ऑर्डर पर भी बोलते हुए कहा कि कमजोर OPEC भारत के लिए अच्छा है. एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा ने बिजनेस टुडे टीवी से बातचीत में कहा कि पिछले तीन सालों से ओपेक संगठन में तनाव दिख रहा है, क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों ने अपने खुद की क्षमता विस्तार करने के बारे में विचार किया है और वे OPEC की सीमा से ज्यादा तेल-गैस का उत्पादन कर रहे हैं.
क्यों कमजोर OPEC भारत के लिए अच्छा है?
उन्होंने कहा है कि ओपेक का कमजोर होना या ऐसे कार्टेल का बंटना भारत के लिए बहुत अच्छी खबर है. उन्होंने आगे कहा कि भारत एनर्जी का एक प्रमुख आयातक है, इसलिए यूएई जैसे अलग-अलग देशों के साथ ऊर्जा संबंधों को गहरा करना भारत के लिए अधिक टिकाऊ और जियो-पॉलिटिकल तौर पर फायदेमंद है.
अक्सर देखा गया है कि OPEC देश तेल की कीमतों को कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं. सामान्य दिनों में कभी वे तेल की कीमतें बढ़ा देते हैं, तो कभी इसके दाम घटा देते हैं. लेकिन पिछले तीन सालों में इस संगठन में तनाव दिखाई दिया है, जो भारत जैसे एनर्जी आयातक देश के लिए अच्छी खबर है. अगर ये टूटता है तो भारत कई देशों के साथ एनर्जी को लेकर डील करने के लिए स्वतंत्र होगा और भारत की एनर्जी सप्लाई संकट के समय में भी स्थिर रह सकती है.
PM मोदी का यूएई दौरा क्यों खास?
शायद, इसकी एक शुरुआत भी हो चुकी है. 15 मई 2026 को पीएम मोदी ने यूएई का दौरा किया था, जहां पर तेल, गैस (LPG) और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को लेकर ऐतिहासिक डील हुई है. अगर इसी तरह, बाकी देशों के साथ भी डील होती है तो भारत एनर्जी आयातक के तौर पर बड़ा राणनीतिक साझेदार बन सकता है.
7 से 9 रुपये बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
होर्मुज संकट के कारण कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ी है. कई देशों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 80 फीसदी तक इजाफा किया है. वहीं भारत में तेल की कीमतें करीब 4 रुपये तक बढ़ी हैं. वहीं तनेजा का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें 7 से 9 रुपये तक बढ़ सकती हैं, लेकिन यह बढ़ोतरी एकसाथ नहीं होगी, बल्कि धीरे-धीरे इसके दाम बढ़ाए जा जाएंगे. जैसा कि पिछली दो बार में 4 रुपये बढ़ाए गए हैं.
आजतक बिजनेस डेस्क