यूएई 1967 में ओपेक में शामिल हुआ था और अब इसके बाहर होने से इस संगठन के सदस्य घटकर 11 रह जाएंगे. ओपेक प्लस में कुल 10 गैर ओपेक सदस्य भी शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से रूस भी है. यह बदलाव तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है और सदस्य देशों के बीच नए संतुलन की दिशा में कदम हो सकता है. इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह संगठन अपनी नीतियों को फिर से आकार देगा.