अमेरिका और ईरान के बीच जंग (US VS Iran War) से जुड़े मिले-जुले अपडेट सामने आ रहे हैं. एक ओर जहां दोनों देशों के बीच जल्द शांति समझौता होने की खबरें हैं, तो वहीं दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरान को शर्त न मानने पर बड़े हमलों की धमकी देते भी नजर आ रहे हैं. लेकिन इस बीच एशियाई शेयर बाजार रॉकेट बने हुए हैं, खासतौर पर जापान में तो अचानक सारे रिकॉर्ड टूट गए. Japan Nikkei इंडेक्स गुरुवार को रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 3397 अंक की तगड़ी छलांग लगा गया और इसके साथ ही ये इतिहास में पहली बार 62,000 के लेवल को पार कर गया.
खुलने के साथ ही मचा दिया गदर
जापान के शेयर बाजार में गुरुवार को खुलने के साथ ही निक्केई गदर मचाता हुआ नजर आया. अपने बीते कारोबारी दिन के बंद 59, 513.12 की खुलना में Japan Nikkei इंडेक्स अपनी ओपनिंग के साथ ही ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया और 62,241.31 के लेवल पर खुला. इसके कुछ ही देर बाद ये तूफानी तेजी पकड़े हुए 5.80 फीसदी तक उछल गया और इतिहास रचते हुए 62,922 के लाइफ टाइम हाई लेवल पर जा पहुंचा.
इन जापानी स्टॉक्स ने किया कमाल
निक्केई में तेजी के पीछे जिन बड़े शेयरों का बड़ा रोल देखने को मिला है. उनमें आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर के स्टॉक्स सबसे आगे रहे. इंडेक्स में सबसे प्रमुख शेयर सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयरों (Soft Bank Share) में एकदम से 12% से ज्यादा की उछाल आ गई. इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी इबिडेन 16% की बढ़त के साथ टॉप कमाई वाला शेयर बना. मेन्युफैक्चरिंग से लेकर मेटल तक के कारोबार से जुड़ी कंपनी मित्सुई किन्जोकु के शेयर में भी 15% की तेजी दर्ज की गई. यही नहीं रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 13%, तो तोसोह कॉर्पोरेशन के शेयरों में 12% की तेजी आई.
जापानी मार्केट में तेजी के बड़े कारण
Japan Nikkei में आई इस धुआंधार तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो एक नहीं कई सामने आते हैं. इनमें प्रमुख पर नजर डालें, तो जापानी करेंसी येन में मजबूती के चलते जापानी सरकारी बांड (JGB) में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है. इसका सपोर्ट शेयर बाजार को मिला है. येन 156.33 प्रति डॉलर पर खरीदा गया, जो कि 10 सप्ताह के उच्चतम स्तर 155 तक पहुंचने के एक दिन बाद काफी हद तक स्थिर रहा.
इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच शांति बहाल होने की उम्मीद ने जापान समेत तमाम एशियाई बाजारों को रफ्तार देने का काम किया है. ईरान ने कहा है कि वह दो महीने से अधिक समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है , जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की तेहरान के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है.
आजतक बिजनेस डेस्क