US-China Crude Oil Conflict: अब अमेरिका का तेल का खेल बिगाड़ेगा चीन? कर दिया ये ऐलान

ईरान और इजरायल जंग के बीच चीन ने कच्‍चे तेल को लेकर बड़ा बयान दिया है, जो यह संकेत देता है कि चीन क्रूड ऑयल को लेकर कुछ बड़ा कदम उठा सकता है.

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चीन और अमेरिका में एनर्जी विवाद. (Photo: Reuters) चीन और अमेरिका में एनर्जी विवाद. (Photo: Reuters)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 03 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:42 PM IST

मिडिल ईस्‍ट में तनाव बढ़ने से चीन पर तेल को लेकर दबाव बढ़ गया है, क्‍योंकि चीन ज्‍यादातर तेल ईरान और होमुर्ज जलडमरूमध्‍य से मंगाता है. यह वही मार्ग है, जो ईरान के कंट्रोल में है और अब ईरान ने साफ तौर पर कह दिया है कि कोई भी तेल टैंकर या जहाज इस रास्‍ते से गुजरता है तो उसपर हमला होगा. 

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वहीं सऊदी अरब का रिफाइनरी भी यतिहातन बंद कर दिया गया है. ऐसे में चीन के तेल आयात को लेकर संकट पैदा हो चुका है. हालांकि, चीन के पास 6 महीने का रिजर्व कच्‍चा तेल पड़ा हुआ है. कुछ एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि ईरान पर हमले के बहाने अमेरिका ने चीन के तेल आयात का समीकरण बिगाड़ा है. इस कारण, चीन भी अमेरिका का खेल बिगाड़ सकता है. 

चीन ने किया बड़ा ऐलान 
इधर, चीन का भी अधिकारिक बयान संकेत दे रहा है कि चीन जल्‍द ही अपने एनर्जी के आयात और रिजर्व को लेकर बड़ा फैसला ले सकता है. चीन के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वह अपने एनर्जी सिक्‍योरिटी को रिव्‍यू कर रहा है और चीन अपनी एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करने के लिए जरूरी कदम उठाएगा. चीन का यह बयान संकेत देता है कि आने वाले समय में चीन के तेल आयात में रुकावट होने वाले देश या मार्ग के प्रति एक्‍शन ले सकता है. 

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चीन ने युद्ध रोकने की अपील की 
हालांकि इससे पहले चीन ने मिडिल ईस्‍ट में तनाव और युद्ध को तेज होने से रोकने के लिए कहा था. चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बयान दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आस-पास के समुद्री रास्ते अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में सभी पक्षों को तत्‍काल प्रभाव से वॉर रोकने की अपील की. चीन ने कहा कि अगर तनाव और गहरा गया तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. 

बातचीत से हल हो मुद्दा 
चीन ने अपने बयान में यह भी कहा कि तनाव को आगे नहीं बढ़ाते हुए सभी पक्षों को आपस में बातचीत और कूटनीतिक रास्तों से समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए. कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि चीन ने अमेरिका-इजराइल के हमलों की निंदा की है और युद्ध को रोकने और शांति स्थापना के लिए कहा है.

तेल की कीमतों में उछाल 
मिडिल ईस्‍ट में युद्ध छिड़ने के कारण तेल की कीमतों में तेज उछाल आई है. सोमवार को तेल की कीमतें 10 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ गई थीं, लेकिन इसके बाद इसके दाम में गिरावट आई और यह 7 फीसदी चढ़कर बंद हुआ. अभी तेल की कीमतें 2.50 फीसदी से ज्‍याद चढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल पर हैं. वहीं यूरोपीयन नेचुरल गैस की कीमतों में कल 45 फीसदी की उछाल देखने को मिली थी. 
 

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