ईरान के ऑफर पर भारत ने चला ये दांव, अब US भी समझ जाएगा क्या है असली खेल!

अमेरिका के छूट के बाद कई देश ईरानी तेल खरीदना चाहते हैं. इस बीच, खबर आई है कि ईरान ने भारत को ईरानी तेल खरीदने का ऑफर दिया है, जिसपर भारत ने एक दांव चला है.

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ईरानी तेल महंगे में खरीदने की पेशकश. (Photo: AP) ईरानी तेल महंगे में खरीदने की पेशकश. (Photo: AP)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:25 PM IST

अमेरिका और ईरान के बीच जंग से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है और लगातार तेजी देखी जा रही है. सोमवार को कच्‍चे तेल की कीमत 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. लेकिन ट्रंप के 5 दिन तक नो-अटैक वाले ऐलान के बाद इसके दाम में बड़ी गिरावट देखने को मिली. 

हालांकि, मंगलवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल का प्राइस 3.30 फीसदी चढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. अमेरिका ने कच्‍चे तेल के दाम को कम रखने के लिए रूसी तेल और इसके बाद ईरानी तेल को खरीदने के लिए प्रतिबंध हटाया है. समुद्र में मौजूद ईरानी तेल को खरीदने की छूट दी गई है, जिस कारण भारत समेत कई देशों ने कच्‍चे तेल को खरीदने की दिलचस्‍पी दिखाई है. 

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प्रीमियम तेल खरीदने की पेशकश 
इस बीच, रॉयटर्स की रिपोर्ट का दावा है कि ईरान ने भारत को प्रीमियम पर तेल खरीदने की पेशकश की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि संकट के बीच प्रतिबंधों में छूट मिलने के बाद ईरान के व्‍यापारियों ने भारतीय रिफाइनरियों को ICE ब्रेंट की तुलना में प्रीमियम पर ईरानी तेल की पेशकश की है. गौर करने वाली बात है कि अमेरिका के द्वारा ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद भारत को मई 2019 से तेहरान से कोई तेल नहीं मिला है.

होर्मुज से एनर्जी सप्‍लाई बाधित होने के कारण भारत समेत दुनिया भर में संकट बना हुआ है. वहीं भारतीय रिफाइनरियों के पास ईरान से तेल और LPG की अधिकतम खरीद के लिए करीब एक महीने का समय है. अमेरिकी प्रतिबंधों के हटने के बाद, भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने रूस से लाखों बैरल तेल खरीद लिया है.

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रुपये में पेमेंट को लेकर भारत का दांव 
वहीं भारत ने ईरानी तेल खरीदने के लिए एक बड़ा दांव चला है. सूत्रों के अनुसार, व्‍यापारी और ईरानी नेशनल ऑयल कंपनी (NIOC) डॉलर में भुगतान की मांग कर रहे हैं. हालांकि भारत ने रुपये में तेल खरीदने की बात कही है, जिसपर ईरान के कुछ व्‍यापारी रुपये में भुगतान स्‍वीकार करने को भी तैयार हैं.  बता दें रूस से भारत डॉलर की तुलना में लोकर करेंसी से व्‍यापार कर रहा है. 

1970 के तेल संकट से भी गंभीर 
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल के अनुसार, मौजूदा एनर्जी संकट 1970 के दशक के तेल संकटों से भी कहीं ज्‍यादा गंभीर है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्‍कॉट बेसें ने बताया कि शुक्रवार को ट्रंप सरकार ने समु्द्र में मौजूद ईरानी तेल की खरीद पर 30 दिनों के लिए प्रतिबंध हटा दिए हैं. 

कितने प्रीमियम पर तेल खरीदने की पेशकश? 
यह छूट 20 मार्च या उससे पहले लोड किए गए और 19 अप्रैल तक उतारे जाने वाले तेल पर लागू होती है, जिसमें प्रतिबंध के अधीन जहाज भी शामिल हैं.  ईरानी तेल को आईसीई ब्रेंट की तुलना में 6-8 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम पर पेश किया गया है, और माल पहुंचने के सात दिनों के भीतर पेमेंट की शर्त रखी गई है. ईरान के स्विफ्ट पेमेंट सिस्‍टम से अलग-थलग होने के कारण, भारतीय रिफाइनिंग एनआईओसी के साथ डील को अंतिम रूप देने से पहले पेमेंट को लेकर सतर्क है.

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