केंद्र सरकार एक और कंपनी के OFS (Offer For Sell) के जरिए हिस्सेदारी कम कर रही है और फंड जुटाने जा रही है, जिसका आज से ओएफएस की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके शुरू होने के साथ ही कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली. इस कंपनी का नाम NLC इंडिया है, जो लिग्नाइट खनन और बिजली उत्पादन कपंनी वाली कंपनी है.
मंगलवार के कारोबार में एनएलसी इंडिया लिमिटेड के शेयरों में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट आई. OFS के चलते, इंट्राडे के दौरान NLC इंडिया के शेयर BSE पर 4.66 प्रतिशत गिरकर 320 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए. मंगलवार की गिरावट के बावजूद, पिछले छह महीनों में शेयर में 35 प्रतिशत की तेजी आई है. हालांकि, मार्केट बंद होने तक यह शेयर 2.13 फीसदी टूटकर 328.60 रुपये पर पहुंच गया.
3 फीसदी हिस्सा बेच रही कंपनी
सरकार द्वारा इस कंपनी में 3 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री के लिए OFS जारी किया है. आज केवल नॉन-रिटेल निवेशक ही बोली लगा सकते हैं. रिटेल निवेशक कल, 10 जून को बोली लगा सकते हैं. आंकड़ों के अनुसार, दोपहर तक नॉन-रिटेलर हिस्से के लिए कोटा आकार के 11.41 प्रतिशत शेयरों के लिए बोलियां मिली हैं. इस इश्यू को 2,49,59,458 शेयरों के कोटा साइज के मुकाबले 28,47,881 शेयरों के लिए नॉन-रिटेलर बोलियां मिली हैं, जिसका प्राइस 304.97 रुपये प्रति शेयर था. यह मार्केट प्राइस से 10 फीसदी का डिस्काउंट है.
नवरत्न पीएसयू में 72.20 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली सरकार 3 प्रतिशत हिस्सेदारी यानी 2.77 करोड़ शेयर बेचने की योजना बना रही है, जिसमें 1 प्रतिशत यानी 1.39 करोड़ शेयर बेचने का ग्रीन शू विकल्प भी शामिल है. कुल प्रस्तावित शेयरों में से 10 प्रतिशत शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व होंगे. इससे सरकार को 1260 करोड़ रुपये मिल सकते हैं.
इन कंपनियों में भी हिस्सेदारी बेच चुकी है सरकार
सरकार द्वारा पिछले कुछ हफ्तों में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कोल इंडिया लिमिटेड और एनएचपीसी इंडिया लिमिटेड नामक तीन पब्लिक सेक्टर में कुल 12,165.85 करोड़ रुपये जुटाने के बाद, अब इस कंपनी का ओएफएस जारी किया गया है.
NLC कंपनी का टारगेट
OFS दिशानिर्देशों में दिए गए नियमों और शर्तों के अनुसार, एनएलसी इंडिया के पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 25,000 शेयर पेश किए जाएंगे. विश्लेषकों ने बताया कि एनएलसी इंडिया की क्षमता विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य 2030 तक अपनी वर्तमान खनन क्षमता को 50 मीट्रिक टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 104 मीट्रिक टन प्रति वर्ष, तापीय ऊर्जा क्षमता को 5,960 मेगावाट से बढ़ाकर 10,020 मेगावाट और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 1,734 मेगावाट से बढ़ाकर 10,110 मेगावाट करना है.
एक्सिस सिक्योरिटीज ने 29 मई को कहा कि क्षमता में इन बढ़ोतरी के लिए 1.01 लाख करोड़ रुपये के पर्याप्त कैपिटल एक्सपेंडेचर की आवश्यकता होगी, जिससे विनियमित और गैर-विनियमित दोनों प्रकार के इक्विटी बाजारों में वृद्धि होने की उम्मीद है.
कहां तक जाएगा ये शेयर?
ब्रोकरेज फर्म ने एनएलसी के पारंपरिक थर्मल कारोबार का वैल्यूवेशन मार्च 2028 के विनियमित इक्विटी के 1.8 गुना, विनियमित खनन कारोबार का 2.5 गुना, नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार का मार्च 2028 के ईबीटीडीए के ईवी/ईबीटीडीए के 6.5 गुना और मर्चेंट कोल कारोबार का 7 गुना किया है. फर्म ने शेयर के लिए 385 रुपये प्रति शेयर का लक्ष्य सुझाया है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क