Gold- Silver Price: सोना और चांदी को लेकर बड़ा ऐलान, इम्‍पोर्ट पर लिया ये फैसला

सोने और चांदी की कीमत में तेजी देखी जा रही है, क्‍योंकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की बात चल रही है. इस बीच, सरकार ने सोने-चांदी के इम्‍पोर्ट को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है.

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सोने और चांदी के इम्‍पोर्ट पर बड़ा ऐलान. (Photo: File/Reuters) सोने और चांदी के इम्‍पोर्ट पर बड़ा ऐलान. (Photo: File/Reuters)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 12 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:49 PM IST

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी को लेकर फिर एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके तहत अब इम्‍पोर्ट में और कमी आ सकती है. सरकार ने इम्‍पोर्ट बेस प्राइस को कम कर दिया है. सोना और चांदी दोनों के इम्‍पोर्ट बेस प्राइस में कमी की गई है.

सरकार ने सोने पर बेस इम्‍पोर्ट प्राइस 80 डॉलर प्रति 10 ग्राम घटाकर 1,343 डॉलर प्रति 10 ग्राम कर दिया. वहीं चांदी का बेस इम्‍पोर्ट प्राइस 276 डॉलर प्रति किलोग्राम कम किया गया है और इसे 2,092 डॉलर प्रति किलोग्राम किया गया है. 

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क्‍या होता है बेस इम्‍पोर्ट प्राइस? 
बेस प्राइस काम सीधा मतलब- सरकार गोल्‍ड सिल्‍वर पर एक इम्‍पोर्ट रेट तय करती है, जिसपर टैक्‍स लगाया जाता है. जब कोई कारोबारी विदेश से सोना या चांदी खरीदकर भारत लाता है तो उसपर लगने वाली कस्‍टम ड्यूटी इसी कीमत पर लगती है. इसी कीमत को बेस इम्‍पोर्ट प्राइस या टैरिफ वैल्‍यू कहा जाता है. 

अगर बेस इम्‍पोर्ट प्राइस नहीं तय किया जाए तो सोना-चांदी की कालाबाजारी बढ़ जाएगी. व्‍यापारी मनमाने ढंग से सोना और चांदी का रेट बताकर टैक्‍स देंगे. बेस इम्‍पोर्ट प्राइस सीमा शुल्‍क की गणना के लिए एक समान आधार पेश करता है. अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अनुसार समय-समय पर बेस इम्‍पोर्ट प्राइस को अपडेट किया जाता है. 

बेस इम्‍पोर्ट प्राइस घटाने से क्‍या होगा?

  • बेस इम्‍पोर्ट प्राइस के आधार पर ही कस्‍टम ड्यूटी की गणना की जाती है. अगर सरकार इस कीमत को कम करती है, तो आयात पर लगने वाले टैरिफका आधार कम हो जाता है. इससे आयातको की लागत घट सकती है. 
  • अंतरराष्ट्रीय कीमतें स्थिर रहती हैं, तो कम आयात लागत का फायदा ज्वैलर्स और थोक व्यापारियों को मिल सकता है. इससे सोने और चांदी की खुदरा कीमतों में कुछ राहत देखने को मिल सकती है. 
  • कम लागत के कारण ज्वैलर्स के मार्जिन में सुधार हो सकता है और मांग बढ़ने की संभावना भी रहती है. 
  • शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में खरीदारी करने वाले ग्राहकों को कुछ हद तक कम कीमतों का फायदा मिल सकता है. 

क्‍या सोना होगा सस्‍ता? 
सोने की कीमतें कम या ज्‍यादा होना बेस प्राइस पर निर्भर नहीं करती हैं. इसके पीछे अंतरराष्‍ट्रीय कीमतें, कमोडिटी मार्केट, टैक्‍स और अन्‍य चीजें निर्भर करती हैं. हालांकि, बेस प्राइस के बदलने से व्‍यापारियों को थोड़ी राहत या झटका मिल सकता है. 

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एमसीएक्‍स पर सोने-चांदी की कीमत में तेजी 
शुक्रवार को एमसीएक्‍स पर सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है. गोल्‍ड करीब 1000 रुपये चढ़कर 1.49 लाख रुपये पर कारोबार कर रहा था. वहीं चांदी की कीमत में 1700 रुपये की तेजी देखने को मिली थी और यह 2.41 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. 

(नोट- सोने और चांदी में निवेश से पहले अपने वित्तीय सालहकार की मदद जरूर लें.) 

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