अमेरिका से एक खबर आते ही दुनियाभर के शेयर बाजारों में गदर मचा नजर आया है. जापान से कोरिया तक के इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं. इससे पहले बीते कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार तेज बढ़त लेकर क्लोज हुए. गिफ्ट निफ्टी भी खुलने के साथ ही तूफानी रफ्तार से दौड़ लगा रहा है और ये भारतीय शेयर बाजार के लिए भी अच्छा संकेत है. ये सब डोनाल्ड ट्रंप के एक ऐलान के बाद देखने को मिला है, जिसमें उन्होंने ईरान के नियंत्रण वाले होर्मुज स्ट्रेट में चलाए गए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को अस्थायी रूप से रोक दिया है.
ट्रंप के इस ऐलान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी. मंगलवार को को डाउ जोंस (Dow Jones) 356 अंक की तेजी लेकर क्लोज हुआ था, तो वहीं Dow Futures 136 पॉइंट की बढ़त के साथ, जबकि S&P ने भी ग्रीन जोन में क्लोजिंग की थी.
जापान-कोरिया से हांगकांग तक मची धूम
न सिर्फ अमेरिकी शेयर मार्केट, बल्कि एशियाई शेयर बाजार भी बुधवार को खुलने के साथ ही रफ्तार पकड़े हुए दिखाई दिए हैं. Japan Nikkei 250 अंक की उछाल के साथ 59513 पर ट्रेड कर रहा है, तो वहीं दूसरी ओर हांगकांग का Hangseng में भी 170 अंकों की तेजी देखने को मिली है. DAX में तो अचानक 450 अंक का उछाल आ गया. CAC भी हरे निशान पर कारोबार कर रहा है.
Asian Markets में सबसे तेज उछाल साउथ कोरिया के इंडेक्स कोस्पी (KOSPI) में देखने को मिल रहा है, जो 450 अंक या 6.50 फीसदी की तेजी लेकर 7371 के लेवल पर पहुंचकर ट्रेड कर रहा है. हालांकि, ब्रिटेन के इंडेक्स FTSE-100 में गिरावट है और ये इंडेक्स 145 अंक फिसलकर कारोबार कर रहा है.
सेंसेक्स-निफ्टी के लिए ग्रीन सिग्नल
तमाम एशियाई बाजारों में तेजी के साथ ही भारतीय शेयर बाजार के लिए संकेतक माना जाने वाला गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी रफ्तार पकड़े हुए है और 100 अंक से ज्यादा चढ़कर कारोबार कर रहा है. ये सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी आने की ओर इशारा कर रहा है. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को Indian Stock Market गिरावट में रहा था. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 251.61 अंकों की गिरावट लेकर 77,017.79 पर क्लोज हुआ था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 86.50 अंक फिसलकर 24,032 पर बंद हुआ था.
डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा क्या किया?
Global Stock Markets में तेजी डोनाल्ड ट्रंप के एक ऐलान के बाद देखने को मिली है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज में फंसे जहाजों को निकालने के लिए चलाए गए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को कुछ समय के लिए रोकने की घोषणा की है, यानी अस्थायी रोक. उन्होंने ये संकेत भी दिए हैं, कि अमेरिकी की ईरान के साथ बातचीत चल रही है और दोनों के बीच एक समझौता हो सकता है. हालांकि, Hormuz Strait Blockade अभी भी जारी रखा गया है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क