Income Tax Return: 31 जुलाई तक भर लें ITR... वरना देना होगा भारी जुर्माना, जानिए डिटेल

अगर इनकम टैक्‍स रिटर्न भरना भूल जाते हैं तो गैर-अनुपालन दायित्वों का निपटान करने में विफल होना या ITR दाखिल करने में लापरवाही करना माना जाता है, जो जुर्माना और दंड का कारण बन सकता है.

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aajtak.in

  • नई दिल्‍ली ,
  • 01 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 10:27 AM IST

इनकम टैक्‍स रिटर्न (Income Tax Return) भरने की डेडलाइन 31 जुलाई 2024 तय की गई है. इनकम टैक्‍स एक ऐसा डॉक्‍यूमेंट है, जिसके तहत टैक्‍सपेयर्स की वित्तीय वर्ष के दौरान इनकम की जानकारी होती है. अगर कोई टैक्‍सपेयर ITR नहीं भर पाता है तो उसे जुर्माना चुकाना पड़ता है. इनकम टैक्‍स डिपॉर्टमेंट के पास अलग-अलग इनकम स्‍लैब के लिए कई टैक्‍स दरें हैं. 

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इसके अलावा, आयकर विभाग व्यक्तियों को समय पर आयकर रिटर्न दाखिल (ITR Filing) करने के लिए बार-बार याद दिलाता है. ऐसे में अगर इनकम टैक्‍स रिटर्न भरना भूल जाते हैं तो गैर-अनुपालन, जैसे कि दायित्वों का निपटान करने में विफल होना या आईटीआर दाखिल करने में लापरवाही करना माना जाता है, जो जुर्माना और दंड का कारण बन सकता है. 

31 मार्च 2024 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए, व्यक्तियों के लिए अपना आयकर रिटर्न (ITR) जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2024 है. हालांकि, आईटीआर फाइल करने का प्रॉसेस थोड़ा कठिन हो सकता है, खासकर व्यक्तिगत टैक्‍सपेयर्स के लिए, जिन्‍हें अपने आईटीआर जमा करने के लिए आवश्यक विभिन्न धाराओं और चीजों को समझने में मुश्किल होती है. 

31 जुलाई से चूक गए तो भी मिलता है मौका
सभी आवश्यक जानकारी एकत्र करने और पिछले वर्ष में किए गए खर्चों का रिकॉर्ड बनाए रखने का कार्य कठिन हो सकता है, जिस कारण व्यक्ति फाइलिंग की समय सीमा से चूक सकते हैं. नतीजतन, कई व्यक्तियों को आयकर अधिकारियों की किसी भी प्रतिकूल कार्रवाई से बचने के लिए अपने टैक्‍स रिटर्न को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता हो सकती है. ऐसे में आईटी डिपॉर्टमेंट ऐसे टैक्‍सपेयर्स को 31 दिसंबर से पहले बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका दिया जाता है. 

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विलंबित ITR पर जुर्माना
जब टैक्‍सपेयर्स देरी से इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करता है तो उसे अपनी इनकम के स्‍तर के आधार पर जुर्माना देना पड़ सकता है. खासतौर पर अगर इनकम 5 लाख रुपये से कम है तो 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है, जबकि अगर इनकम 500000 लाख रुपये से ज्‍यादा है तो 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है. इसके अलावा, देर से रिटर्न दाखिल करने वालों को ब्याज शुल्क और समय पर रिटर्न दाखिल करने वालों को मिलने वाले कुछ लाभों के नुकसान के रूप में दंड का सामना करना पड़ सकता है. 

किसे मिलती है छूट? 
अगर किसी व्यक्ति की टैक्‍स योग्य इनकम मूल छूट सीमा से कम है और उन्हें रिफंड का दावा करने के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की आवश्यकता है, तो उन्हें देरी से दाखिल करने के लिए जुर्माना नहीं देना होगा. 

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