मोदी सरकार की दूसरी पारी का पहला बजट पेश करते हुए शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उनकी सरकार हर ग्रामीण घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. 'हर घर नल, हर नल जल' की योजना के तहत मोदी सरकार ने देश भर में जल पहुंचाने की जो योजना बनाई है, वह अपने आप में क्रांतिकारी है.
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा,' भारत में जल सुरक्षा सुनिश्चित करना और सभी देशवासियों के लिए शुद्ध एवं पर्याप्त जल उपलब्ध कराना हमारी सरकारी की प्राथमिकता है. जल जीवन मिशन के तहत साल 2024 तक देश के सभी ग्रामीण परिवारों को हर घर जल सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम किया जाएगा.'
ये है योजना
अब सवाल यह है कि इतने महत्वाकांक्षी योजना को कैसे पूरा किया जाएगा. बजट दस्तावेज और मीडिया में आई जानकारियों के मुताबिक सरकार ने इसके लिए अनूठी योजना बनाई है. 'हर घर नल, हर नल जल' के नारे के साथ ऐसे सभी परिवारों तक पाइपलाइन से जल आपूर्ति की जाएगी. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के इस मिशन में बारिश के जल के जमीन के भीतर स्टोरेज और घरों में इस्तेमाल किए जल का फिर से खेती में इस्तेमाल किया जाएगा. इसके लिए ग्रामीण स्तर पर बुनियादी ढांचे का निर्माण और वाटर मैनेजमेंट का काम मजबूत किया जाएगा.
सरकार ने जलशक्ति अभियान के लिए 256 जिलों के ऐसे 1592 ब्लॉक की पहचान की है जहां जल का संकट है. वित्त मंत्री ने देश भर में पावर ग्रिड की ही तर्ज पर एक 'वाटर ग्रिड' के विकास के लिए एक खाका पेश करने का वायदा किया है. यह मोदी सरकार के 'एक देश, एक ग्रिड' की अवधारणा के मुताबिक ही होगा.
पहली बार होगा ऐसा
हालांकि वाटर ग्रिड की अवधारणा अभी बहुत शुरुआती स्तर पर है, लेकिन अपने आप में अनूठी सोच है. इसके तहत पानी की अधिकता वाले इलाकों से पाइपलाइन के द्वारा पानी उन इलाकों तक पहुंचाई जाएगा, जहां पानी की कमी, सूखा होता है. इसमें मोदी सरकार की नदियों को जोड़ने की योजना भी मददगार होगी. चीन जैसे कई देशों में इस तरह के प्रयोग किए गए हैं. अगर मोदी सरकार इसमें कामयाब हुई तो वास्तव में इससे देश में एक बड़ा बदलाव आएगा.
गौरतलब है कि मोदी सरकार जलमार्ग के विकास पर भी जोर दे रही है. जलमार्ग विकास परियोजना के अंतर्गत गंगा नदी की नौवहन क्षमता बढ़ाने के लिए साहिबगंज और हल्दिया में 2 टर्मिनल तथा फरक्का में 1 नेवीगेशनल लॉक का कार्य 2019-20 में पूरा हो जाएगा. गंगा नदी पर कार्गो की आवाजाही अगले 4 वर्षों में लगभग 4 गुना बढ़ जाने का अनुमान है, जिससे माल और यात्रियों की आवाजाही सस्ती होगी और आयात बिल में कमी आएगी.
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