राउज एवेन्यू कोर्ट में 'लैंड फॉर जॉब' से जुड़े CBI मामले की सुनवाई 9 मार्च से शुरू होगी. इस मामले में आरोपी मीसा भारती और हेमा यादव आज अदालत में पेश हुईं. दोनों ने आरोपों को स्वीकार करने से इंकार करते हुए कहा कि वे मुकदमे का सामना करेंगी.
लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव को कोर्ट ने अनुमति दी है कि वे 1 से 25 फरवरी के बीच किसी भी दिन व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हो सकते हैं. अदालत ने कहा कि पेशी से एक दिन पहले उन्हें कोर्ट को इसकी जानकारी देनी होगी. इस वजह से फिलहाल लालू यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी के खिलाफ कोई औपचारिक आरोप तय नहीं किया जा सका.
कोर्ट ने 9 जनवरी को दिए आदेश में कहा था कि लालू परिवार सहित कुल 41 लोगों के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. वहीं, इस मामले में 52 लोगों को बरी कर दिया गया था.
गौरतलब है कि 'लैंड फॉर जॉब' स्कैम उस समय का है जब लालू यादव रेल मंत्री थे. खबरों के मुताबिक, रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनसे जमीन ली गई थी. लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहे.
'लैंड फॉर जॉब' केस में क्या है आरोप
'लैंड फॉर जॉब' स्कैम 2004-09 के दौरान का मामला है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे. आरोप है कि रेलवे में ग्रुप-D की नौकरियों के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों से जमीन ली गई. CBI के मुताबिक ये जमीनें लालू परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम पर ट्रांसफर की गईं. इस केस में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव आरोपी हैं. कोर्ट ने 41 आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत मानते हुए ट्रायल का आदेश दिया है, जबकि 52 लोगों को बरी किया गया. 9 मार्च से मामले का ट्रायल शुरू होगा.
संजय शर्मा