'सम्राट चौधरी सिर्फ BJP की पसंद नहीं, नीतीश कुमार के चुने हुए उत्तराधिकारी हैं', ललन सिंह का बड़ा बयान

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, ललन सिंह का बयान आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है. इससे यह संदेश देने की कोशिश भी मानी जा रही है कि सम्राट चौधरी को सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि नीतीश कुमार की राजनीतिक सोच और विकास मॉडल का भी समर्थन प्राप्त है.

Advertisement
ललन सिंह के बयान से बिहार की राजनीति में मची हलचल(File Photo) ललन सिंह के बयान से बिहार की राजनीति में मची हलचल(File Photo)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 17 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:56 AM IST

बिहार की सियासत में शनिवार को उस वक्त सियासी भूचाल आ गया, जब जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी को लेकर बड़ा बयान दिया. सार्वजनिक मंच से संबोधित करते हुए ललन सिंह ने कहा कि बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सिर्फ भारतीय जनता पार्टी की पसंद नहीं हैं, बल्कि वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खुद के चुने हुए हुए उत्तराधिकारी हैं.

Advertisement

ललन सिंह के इस बयान को बिहार के राजनीतिक गलियारों में जेडीयू (JD-U) और बीजेपी गठबंधन के भविष्य और नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत की कमान सौंपने की आधिकारिक घोषणा के रूप में देखा जा रहा है.

शनिवार को लखीसराय में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ललन सिंह ने कहा,  'नीतीश कुमार जी ने जब छोड़ने का फैसला किया तो अपना उत्तराधिकारी भी उन्होंने ही तय किया कि सम्राट चौधरी जी उनके उत्तराधिकारी होंगे. सम्राट चौधरी जी ने संकल्प लिया है कि नीतीश कुमार जी ने जो रास्ता दिखाया है उसी रास्ते पर आगे चलकर हम विकसित बिहार बनाने का काम करेंगे.'

वरिष्ठ जदयू नेता का यह बयान उन राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्षी दलों को सीधा जवाब माना जा रहा है, जो यह कयास लगा रहे थे कि सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना पूरी तरह से बीजेपी का एकतरफा फैसला था, जिसे जेडीयू पर थोपा गया था.

Advertisement

यह भी पढ़ें: गाड़ियों के लंबे काफिले पर लगाम... पीएम मोदी की अपील पर पैदल दफ्तर पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

बयान के सियासी मायने

राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से इस बात की चर्चा थी कि सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए तैयार किया जा रहा है. हालांकि, JD(U) के एक वरिष्ठ नेता की ओर से यह अब तक की सबसे स्पष्ट सार्वजनिक पुष्टि है कि यह सत्ता-हस्तांतरण नीतीश कुमार की योजना और समर्थन से हुआ था.

इससे पहले, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी इसी ओर इशारा किया था, यह कहते हुए कि सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद प्राप्त है, हालांकि उन्होंने उन्हें स्पष्ट रूप से नीतीश कुमार का उत्तराधिकारी नहीं कहा था. ललन सिंह ने यह भी कहा कि सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने "विकसित बिहार" के विज़न को साकार करने की दिशा में काम जारी रखने का संकल्प लिया है.

यह भी पढ़ें: शिक्षा, विकास, कानून-व्यवस्था... सम्राट चौधरी की सरकार ने एक महीने में लिए ये फैसले
ललन सिंह की ये टिप्पणियां राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये औपचारिक तौर पर सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार के राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करती हैं. साथ ही, उन्हें नीतीश कुमार के शासन मॉडल और विकास एजेंडा को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement