बिहार के बक्सर जिले से चोरी की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. यहां चोरों ने किसी दुकान, घर या गोदाम को नहीं, बल्कि 132 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर को ही गायब कर दिया. चोर टॉवर के साथ उससे जुड़े कई उपकरण और जनरेटर सेट भी ले गए.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह टॉवर डुमरांव नगर थाना क्षेत्र के रिहायशी इलाके में स्थित था और थाना भी वहां से ज्यादा दूर नहीं था. इसके बावजूद चोर कई दिनों तक टॉवर को खोलते रहे और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी.
घटना सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है. लोग यह सोचकर हैरान हैं कि आखिर इतना बड़ा ढांचा चोरी कैसे हो गया और किसी को इसकी जानकारी तक क्यों नहीं मिली.
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कंपनी के अधिकारी पहुंचे तो खुला पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, यह मोबाइल टॉवर GTL कंपनी का था और कई वर्षों से बंद पड़ा हुआ था. हाल ही में कंपनी के अधिकारी टॉवर की मरम्मत और निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंचे थे.
जब अधिकारी वहां पहुंचे तो उनके होश उड़ गए. मौके पर न तो टॉवर मौजूद था और न ही उससे जुड़े अन्य उपकरण. पूरा ढांचा गायब था और केवल खाली जगह दिखाई दे रही थी.
इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और डुमरांव नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई.
टॉवर के साथ जनरेटर और उपकरण भी गायब
कंपनी की ओर से दर्ज शिकायत में बताया गया कि चोर केवल टॉवर ही नहीं ले गए, बल्कि उसके साथ लगा जनरेटर सेट और अन्य तकनीकी उपकरण भी चोरी कर लिए गए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि टॉवर की ऊंचाई करीब 132 फीट थी और उसे एक ही बार में हटाना संभव नहीं था. आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने कई दिनों तक धीरे-धीरे इसे काटकर और खोलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया.
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी चोरी के पीछे कौन लोग शामिल थे और चोरी किए गए सामान को कहां ले जाया गया.
जमीन मालिक ने बताई समझौते की पूरी कहानी
इस पूरे मामले में जमीन मालिक हरेनाथ यादव ने भी अपनी बात रखी है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में कंपनी के साथ टॉवर लगाने को लेकर 12 साल का एकरारनामा हुआ था.
उनके अनुसार, वर्ष 2022 में समझौते की अवधि समाप्त हो गई थी. इसके बाद कंपनी की ओर से उन्हें कोई भुगतान नहीं किया गया. इस संबंध में उन्होंने कंपनी को चार बार नोटिस भी भेजा था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.
हरेनाथ यादव का कहना है कि अब उन्हें जानकारी मिली है कि टॉवर और उससे जुड़े सभी उपकरण चोरी हो चुके हैं. उन्होंने भी इस पूरी घटना पर आश्चर्य जताया है.
स्थानीय लोग भी हैरान, पुलिस कर रही जांच
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले करीब 15 वर्षों से उस स्थान पर मोबाइल टॉवर लगा हुआ था. कुछ दिनों पहले लोगों ने देखा कि टॉवर गायब है, लेकिन किसी ने इस पर विशेष ध्यान नहीं दिया.
अब जब चोरी की शिकायत दर्ज हुई है तो पूरे इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा हो रही है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने बड़े टॉवर को चोरी करने वालों को किसी ने देखा क्यों नहीं.
बक्सर पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने बताया कि करीब दस दिन पहले इस संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ था. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जमीन मालिक सहित अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी.
एसपी बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसपी शुभम आर्य के मुताबिक, पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि टॉवर को वैध तरीके से हटाया गया या फिर वास्तव में चोरी की घटना हुई है.
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है.
वहीं, इस हैरतअंगेज चोरी ने आम लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि जब 132 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर को चोर गायब कर सकते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा होना स्वाभाविक है.
पुष्पेंद्र पांडेय