बिहार में ओवैसी के गढ़ में अमित शाह का पावर-प्ले, RJD ने बंगाल चुनाव से जोड़ा

बीजेपी ने अमित शाह के दौरे को सीमांचल और बिहार की सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत अहम बताया है. वहीं आरजेडी ने टाइमिंग को लेकर सवाल उठाया है.

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अमित शाह सीमांचल में ही 3 दिन रहेंगे. (File Photo- PTI) अमित शाह सीमांचल में ही 3 दिन रहेंगे. (File Photo- PTI)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 25 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:02 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को तीन दिवसीय बिहार दौरे पर आ रहे हैं. वे प्रदेश के सात संवेदनशील जिलों- किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक करेंगे.

ये जिले भारत-नेपाल और भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के करीब हैं. लगातार सीमा-पार आवाजाही, अवैध नेटवर्क और सुरक्षा चुनौतियों की वजह से संवेदनशील माने जाते रहे हैं.

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सियासी नजरिए से देखें तो सीमांचल असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का गढ़ माना जाता है. पिछले साल विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पांच सीटें जीतकर अपने दबदबे को संकेत दे दिया था.

बीजेपी ने अमित शाह के दौरे को सीमांचल और बिहार की सुरक्षा व विकास के लिहाज से अत्यंत अहम बताया है. बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि गृह मंत्री का बिहार दौरा सीमावर्ती इलाकों की डेमोग्राफी ठीक करने, सीमा और देश की सुरक्षा मजबूत करने तथा बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में अहम कदम है.

दौरे पर ये बोली बीजेपी
बीजेपी का दावा है कि इस समीक्षा बैठक से सीमा प्रबंधन मजबूत होगा. साथ ही घुसपैठ नेटवर्क पर नकेल कसने में मदद मिलेगी. क्षेत्रीय प्रशासनिक कमियों की पहचान भी तेज होगी.

हालांकि, अमित शाह के दौरे पर बिहार में सियासत में तेज हो गई है. आरजेडी ने बीजेपी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि गृह मंत्री का दौरा राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है. चुनावी मौसम में शाह की नजर बिहार से ज्यादा पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में है.

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'बंगाल चुनाव साधने की कोशिश'
इजाज अहमद (आरजेडी प्रवक्ता) ने कहा, 'अमित शाह भले ही तीन दिन के सरकारी कार्यक्रम पर आ रहे हैं, लेकिन उनका दौरा पूरी तरह राजनीतिक है. सीमांचल के बहाने वे बंगाल में होने वाले चुनाव को साधने की कोशिश कर रहे हैं और घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर राजनीतिक माहौल गर्माना चाहते हैं'.

आरजेडी का तर्क है कि भाजपा सीमांचल की सुरक्षा चिंताओं का इस्तेमाल राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने और चुनावी लाभ लेने के लिए कर रही है.

इन वजहों से चर्चा में सीमांचल
बता दें कि सुरक्षा, तस्करी और जनसांख्यिकीय दबावों से सीमांचल इलाका जूझ रहा है. कई वर्षों से सीमांचल बेल्ट को उच्च-जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है. इसकी प्रमुख वजहें हैं- सीमापार घुसपैठ, तस्करी और अवैध नेटवर्क, वर्षों में आए जनसांख्यिकीय परिवर्तन, सीमित पुलिसिंग और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां.

अमित शाह की समीक्षा बैठक में इन सभी मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. हालांकि इस दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजr भी लगातार तेज होती जा रही है. आरजेडी ने उनके दौरे की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं.

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