ऑटो सेक्टर पर कोरोना का कहर, मार्च में रिकॉर्ड 51% गाड़ियां कम बिकीं

सियाम ने कहा कि मार्च में यात्री वाहनों की बिक्री 1,43,014 वाहन रही. यह पिछले साल मार्च के 2,91,861 वाहनों की बिक्री के मुकाबले 51 प्रतिशत कम है.

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हर दिन 2,300 करोड़ के कारोबार के नुकसान का अनुमान हर दिन 2,300 करोड़ के कारोबार के नुकसान का अनुमान

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 8:35 AM IST

  • बीते महीने में यात्री वाहनों की बिक्री 51 प्रतिशत गिर गई
  • आखिरी हफ्ते में देशभर में लॉकडाउन लागू किया गया था

कोरोना वायरस की वजह से देश की ऑटो इंडस्ट्री बुरी तरह लड़खड़ा गई है. दरअसल, वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) ने मार्च महीने में यात्री वाहनों की बिक्री के आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों से पता चलता है कि बीते महीने में यात्री वाहनों की बिक्री 51 प्रतिशत गिर गई. बता दें कि मार्च महीने के आखिरी हफ्ते में देशभर में लॉकडाउन लागू कर दिया गया था.

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क्या कहते हैं आंकड़े

सियाम के मुताबिक मार्च में यात्री वाहनों की बिक्री 1,43,014 वाहन रही. यह पिछले साल मार्च के 2,91,861 वाहनों की बिक्री के मुकाबले 51 प्रतिशत कम है. वहीं कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री मार्च में 88.95 प्रतिशत घटकर 13,027 वाहन रही जो इससे पिछले साल मार्च में 1,09,022 वाहन थी.

दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी गिरावट

इसी तरह, मार्च में दोपहिया वाहनों की बिक्री भी लुढ़की है. इस महीने में दोपहिया वाहनों की कुल 8,66,849 इकाइयां बिकीं जो मार्च 2019 की 14,40,593 इकाइयों के मुकाबले 39.83 प्रतिशत कम है. सभी श्रेणियों के वाहनों की बिक्री समीक्षावधि में 44.95 प्रतिशत घटकर 10,50,367 वाहन रही. मार्च 2019 में यह आंकड़ा 19,08,097 वाहन था.

सियाम के अध्यक्ष राजन वढेरा ने कहा, ‘‘मार्च का महीना सभी के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण समय में से एक रहा है. लॉकडाउन की वजह से पिछले हफ्तों में वाहनों की बिक्री और उत्पादन बिल्कुल ठप सा रहा है. ’’ उन्होंने आगे कहा कि मूल कलपुर्जा विनिर्माता (ओईएम) कंपनियों को भी दिक्कतें आ रही हैं.

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वढेरा ने कहा, ‘‘सियाम के अनुमान के मुताबिक लॉकडाउन के चलते कारखाने बंद रहने के हर दिन इंडस्ट्री के 2,300 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हो रहा है.’’ उन्होंने कहा कि हम सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं कि किस तरह कोरोना वायरस से पैदा हुई मुश्किलों का उद्योग पर न्यूनतम असर हो, विशेषकर घरेलू वाहन उद्योग को.

वढेरा ने कहा, ‘‘उद्योग को आपूर्ति, मांग और वित्त की उपलब्धता जैसे तीनों प्रमुख मुद्दों की चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है. क्षेत्र में वृद्धि को वापस पटरी पर लाने के लिए यह तीनों ही अहम हैं.’’ बता दें कि बीते वित्त वर्ष एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 के बीच यात्री वाहनों की बिक्री में 17.82 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी.

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