Mercedes Benz ने दी थी गलत जानकारी, अब कंपनी पर लगा करोड़ों का फाइन

Mercedes Benz पर करोड़ों का फाइन लगा है. ये फाइन कंपनी पर गलत जानकारी देने की वजह से लगा है. दरअसल, मर्सिडीज बेंच कोरिया पर ये फाइन लगा है, जिसने अपने इलेक्ट्रिक कार्स में लगी बैटरी को लेकर गलत जानकारी दी थी. मामले की जांच एक हादसे के बाद शुरू हुई थी, जिसमें एक प्रीमियम सेडान में आग लग गई थी.

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Mercedes Benz कोरिया पर बैटरी की गलत जानकारी की वजह से फाइन लगाया गया है. (Photo: mercedes-benz.co.in) Mercedes Benz कोरिया पर बैटरी की गलत जानकारी की वजह से फाइन लगाया गया है. (Photo: mercedes-benz.co.in)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:50 PM IST

Mercedes Benz इस वक्त मुश्किल में फंस गई है. साउथ कोरिया में कंपनी को रेगुलेटरी एक्शन का सामना करना पड़ रहा है. साउथ कोरिया में अथॉरिटीज ने पाया है कि कंपनी ने अपनी इलेक्ट्रिक कार्स में लगी बैटरी को लेकर कंज्यूमर्स को मिसलीड किया है. इसकी वजह से कंपनी के ऊपर फाइन लगाया गया है. 

देश की एंटीट्रस्ट रेगुलेटर ने 12.23 अरब वॉन (लगभग 76 लाख डॉलर या 63 करोड़ रुपये) का फाइन लगाया है. इस फाइन का ऐलान फेयर ट्रेड कमिशन ने किया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला जिसकी वजह से कंपनी के ऊपर फाइन लगाया गया है. 

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बैटरी को लेकर दी गई थी गलत जानकारी

FTC की जांच के मुकाबिक, Mercedes Benz कोरिया ने बताया था कि उनके कुछ मॉडल्स में CATL की बैटरीज लगी हैं. CATL दुनिया की सबसे बड़ी EV बैटरी बनाने वाली कंपनी है. हालांकि, जांच में पाया गया कि कंपनी की कई गाड़ियों में Farasis Energy के बैटरी सेल लगे हैं. ये कंपनी उतनी पॉपुलर नहीं है, जितनी CATL है. 

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ये खेल कई प्रीमियम गाड़ियों में भी किया गया है, जिसमें कंपनी की इलेक्ट्रिक सेडान- Mercedes Benz EQE और Mercedes Benz EQS शामिल हैं. जांच में पाया गया कि Mercedes Benz कोरिया ने डीलर्स को जो इंटरनल सेल्स मैन्युअल दिया, उसमें CATL बैटरीज के फायदों के बारे में बताया गया था. 

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हालांकि, डॉक्यूमेंट में Farasis बैटरीज के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी. जबकि कई गाड़ियों में इन बैटरीज का इस्तेमाल किया गया था. इसकी वजह से डीलर्स को असली बैटरी सप्लायर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और वे EVs में CATL बैटरी होने का दावा करते रहे. 

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आग लगने की वजह से शुरू हुई थी जांच

ये पूरा मामले एजेंसियों के दायरे में तब आया, जब एक पॉर्क्ड Mercedes Benz EQE इलेक्ट्रिक सेडान में आग लग गई. ये घटना 2024 में साउथ कोरिया के इनचान में हुई थी. उस कार में Farasis एनर्जी की बैटरी इस्तेमाल की गई थी. 

कार एक अंडरग्राउंड पार्किंग फैसिलिटी में खड़ी थी, जिसकी वजह से कई दूसरी गाड़ियों में भी आग लगी थी. रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कार के पास खड़ी 100 व्हीकल्स में भी आग लग गई थी. आग लगने के बाद बिल्डिंग को खाली करना पड़ा था. इस घटना के बाद मामले की जांच रेगुलेटरी एजेंसियों ने शुरू की थी.

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