खत्म हुई फ्री सेवा, अब Ganga Expressway पर देना होगा टोल, इतना है रेट

Ganga Expressway पर सफर करने वालों के लिए अब यात्रा पहले जैसी मुफ्त नहीं रहेगी. उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू हो गई है. पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था. मेरठ से प्रयागराज तक फैला 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ता है. आइए जानते हैं इस पर किनता टोल टैक्स लगेगा.

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Ganga Expressway मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को सीधा जोड़ेगा. Photo: ITG Ganga Expressway मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को सीधा जोड़ेगा. Photo: ITG

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 16 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:52 PM IST

उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल लगना शुरू हो जाएगा. अब तक इस एक्सप्रेसवे पर टोल नहीं लगा रहा था. इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. मेरण से शुरू होकर ये एक्सप्रेसवे प्रयागराज तक जाता है. इसकी कुल लंबाई 594 किलोमीटर की है. 

एक्सप्रेसवे के शुरू होने से 15 मई तक इस पर कोई टोल नहीं था. अब आपको इससे गुजरने के लिए पैसे देने होंगे. टोल अलग-अलग वाहनों के हिसाब से तय किया गया है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने पर यूपीडा की ओर से टोल रेट की जानकारी सामने आ गई थी. 

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कितना लगेगा टोल? 

गंगा एक्सप्रेसवे पर टू-व्हीलर, थ्री व्हीलर और दूसरे वाहनों के लिए टोल का रेट अलग-अलग है. दोपहिया, तीन पहिया और ट्रैक्टर के लिए प्रति किलोमीटर 1.28 रुपये का टोल तय किया गया है. इसके अलावा कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहनों के लिए रेट 2.5 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है. 

अलग-अलग वाहनों के लिए टोल रेट अलग-अलग है. (Photo: ITG)

लाइट कमर्शियल व्हीकल, मिनी बस और इस कैटेगरी के दूसरे वाहनों के लिए प्रति किलोमीटर 4.95 रुपये का रेट तय किया गया है. जबकि बस और ट्रक के लिए रेट 8.20 रुपये प्रति किमी है. मल्टीएक्सल, भारी मशीनरी और अर्थमूविंग वाहनों के लिए गंगा एक्सप्रेसवे का टोल 12.60 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है. ओवर साइज वाहनों के लिए ये रेट 16.10 रुपये प्रति किमी का है. 

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यह भी पढ़ें: 594 KM की दूरी, 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार, 6 घंटे में सफर तय... Ganga Expressway से ग्राउंड रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे 

गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई 594 किलोमीटर की है और ये प्रदेश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे है. इसकी सड़क पर 100 मिलीमीटर की डामर की परत बिछाई गई है, जो इसे हर मौसम के लिए तैयार रखेगी. डामर की ये परत सड़क को गर्मी और अधिक बारिश में भी सुरक्षित रखेगी. 

एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी से ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तक कई सुविधाएं मिलेंगी. (Photo: ITG)

यूपीडा (UPEIDA) के अधिकारियों के मुताबिक इस एक्सप्रेसवे को सीबीआर यानी कैलिफोर्निया बेयरिंग रेशियो तकनीक पर बनाया गया है. गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है. 

यह भी पढ़ें: Ganga Expressway पर मिलेंगी तमाम सुविधाएं, EV वालों की टेंशन होगी दूर

ये ना सिर्फ वाहनों के चलने के लिए तैयार किया गया है बल्कि विशेष स्थिति में इस पर हवाई जहाज भी उतारे जा सकते हैं. इस पर 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप दी गई है, जहां इमरजेंसी में वायु सेना के विमान उतर सकेंगे. इसके अलावा पूरे एक्सप्रेसवे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सीसीटीवी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की सुविधा भी मिलेगी.

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