Delhi to Prayagraj via Ganga Expressway: दिल्ली से प्रयागराज की जर्नी, जो कभी प्लान बनाते ही थकान दे देती थी, अब उस यात्रा की कहानी बदलने वाली है. इन दो शहरों के बीच की दूरी वही है, लेकिन समय जैसे अचानक कम हो गया हो. सोचिए, आप सुबह दिल्ली से निकलते हैं और दोपहर होते-होते संगम नगरी में घाट किनारे चाय की चुस्की ले रहे हों. यह कोई कोरी कल्पना नहीं, बल्कि गंगा एक्सप्रेसवे की हकीकत है, जो जर्नी और ड्राइविंग एक्सपीरिएंस के मायने ही बदलने जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने जा रहे हैं. ये एक्स्प्रेसवे न केवल पूर्व और पश्चिमी यूपी के बीच की दूरियों को कम कर रहा है बल्कि कई बड़ी और प्लान्ड जर्नी को भी एक नया आयाम देने जा रहा है. सरकार का दावा है कि, गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ से प्रयागराज तक की तकरीबन 594 किमी दूरी अब केवल 6 घंटे में पूरी की जा सकेगी. लेकिन यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और प्रयागराज की लंबी और थकाउ जर्नी को भी आसान बनाने जा रहा है.
अभी दिल्ली से प्रयागराज जाने के लिए दो-तीन रूट हैं. जिनमें एक पुराना रूट दिल्ली वाया अलीगढ़, एटा, लखनऊ और उंचाहार होते हुए प्रयागराज पहुंचा जा सकता है. ये रूट तकरीबन 680 किमी लंबा है और आमतौर पर इससे यात्रा करने में लगभग 11 से 12 घंटे का समय लगता है. वहीं दूसरा रूट है यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ होते हुए प्रयागराज पहुंचा जाए. इस रूट पर दो एक्सप्रेसवे मिलते हैं जो जर्नी को काफी फास्ट बनाते हैं, लेकिन इस रूट से भी लगभग 10 से 11 घंटे का समय लगता है. इस रूट की दूरी भी लगभग 675 किमी है.
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडिस्ट्रीयल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA), द्वारा डेवलप किया गया गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली से प्रयागराज की यात्रा समय की काफी बचत करेगा. इसके लिए आपको दिल्ली से मेरठ के बिजौली गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पर पहुंचना होगा. जिसकी दूरी तकरीबन 75 से 80 किमी है और ये दूरी डेढ़ घंटे में तय होगी. इसके बाद 594 किमी की यात्रा इस एक्सप्रेसवे के जरिए सीधे प्रयागराज के जुदापुर डांडू गांव के पास पहुंचा जा सकेगा. ये इस एक्सप्रेसवे का अंतिम पड़ाव है.
जुदापुर डांडू गांव से एक्जिट होने के बाद आपको प्रयागराज सिटी के अंदर जाने में भी तकरीबन 30 से 40 मिनट लगेंगे. उदारहण के तौर पर यदि आपको सिविल लाइंस जाना हो तो, एक्सप्रेसवे छोड़ने के बाद आपको फाफामऊ, तेलियरगंज होते सिविल लाइंस पहुंचने में तकरीबन 40 मिनट का समय लगेगा. ये शहर का सेंट्रल प्वाइंट हैं और आप यहां से कहीं भी जा सकते हैं.
अगर आप मौजूदा रूट (अलीगढ़, एटा) या (लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे) होते भी प्रयागराज जाते हैं तो आपको लगभग 10 से 11 घंटे लगेंगे और आप तकरीबन 680 किमी की यात्रा करेंगे. वहीं गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए आप 675 किमी की जर्नी करते हुए महज 7 घंटे 30 मिनट में प्रयागराज पहुंच सकते हैं. मतलब साफ है कि, आप इस रूट से तकरीबन 3 घंटे की बचत कर सकते हैं.
गंगा एक्सप्रेसवे को 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहन चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. हर कुछ किलोमीटर पर इंटरचेंज बनाए गए हैं ताकि लोग आसानी से चढ़-उतर सकें. इसके अलावा यहां हाईटेक टोल सिस्टम होगा, जिससे रुकने की जरूरत कम पड़ेगी. इस मेगा प्रोजेक्ट पर करीब 37,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो रहा है, जिसमें जमीन अधिग्रहण की लागत भी शामिल है. गंगा एक्सप्रेसवे सही मायनों में पश्चिमी यूपी को पूर्वांचल से सीधे तौर पर जोड़ रहा है.
अश्विन सत्यदेव