पेट्रोल-डीजल छोड़ इस फ्यूल पर शिफ्ट हो रहे हैं लोग! देश में हर चौथी कार चल रही है इससे

फाइनेंशियल ईयर-26 के बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि देश में बिकने वाली हर चौथी कार CNG है. पिछले एक साल में पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों का मार्केट शेयर कम हुआ है, वहीं सीएनजी और EV ने तगड़ी रफ्तार पकड़ी है. आलम ये है कि, अब सीएनजी बाइक और स्कूटर भी आने लगे हैं.

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CNG वाहनों का मार्केट शेयर वित्त वर्ष-26 में बढ़कर 22% तक पहुंच गया है. Photo: ITG CNG वाहनों का मार्केट शेयर वित्त वर्ष-26 में बढ़कर 22% तक पहुंच गया है. Photo: ITG

अश्विन सत्यदेव

  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:10 PM IST

कार बाजार में गेम बदल चुका है. पहले पूछते थे “कितना देती है”, अब पूछते हैं “कितना बचाती है”. और इस सवाल का सीधा जवाब बनकर सामने आई है CNG. पेट्रोल अभी भी टॉप पर है, लेकिन CNG ने नीचे से तेज चढ़ाई की है. हालत ये है कि देश में बिकने वाली हर चौथी कार अब CNG पर दौड़ रही है. महंगे होते पेट्रोल-डीजल ने कार खरीदारी का गणित बदल दिया है. अब कार खरीदना सिर्फ शौक नहीं, पूरा हिसाब-किताब है. और इस हिसाब में CNG सबसे फिट बैठती नज़र आ रही है, कम से बीते फाइनेंशियल ईयर (FY2026) के बिक्री के आंकड़े तो यही कह रहे हैं.

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फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के अनुसार देश भर में वित्तीय वर्ष-26 में रिकॉर्डतोड़ वाहनों की बिक्री हुई है. पूरे साल का आंकड़ा 3 करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गया है. इस दौरान देश भर में कुल 2,96,71,064 यूनिट वाहन बिके हैं. जिसमें 47,05,056 पैसेंजर व्हीकल शामिल हैं. इन पैसेंजर व्हीकल्स में तकरीबन 10.34 लाख CNG कारें थीं. यानी अब देश में बिकने वाली हर चार में से एक कार CNG पर चलती है. तीन साल पहले CNG की हिस्सेदारी जहां 12-13 प्रतिशत थी, वहीं अब यह करीब 22 प्रतिशत तक पहुंच गई है.

पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री में गिरावट आई है. Photo: ITG

CNG का मार्केट शेयर

फाइनेंशियल ईयर में भारत के पैसेंजर व्हीकल मार्केट में CNG की हिस्सेदारी बढ़कर 21.98 प्रतिशत हो गई, जो पिछले साल 19.60 प्रतिशत थी. वहीं डीजल की हिस्सेदारी 18.08 प्रतिशत रही और इलेक्ट्रिक वाहनों का कॉन्ट्रिब्यूशन बढ़कर 4.25 प्रतिशत तक पहुंच गया है. पेट्रोल अब भी सबसे आगे है, लेकिन इसकी हिस्सेदारी घटकर 47.48 प्रतिशत रह गई है, जो पहले 50.82 फीसदी हुआ करती थी.

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क्या है सीएनजी के रफ्तार की वजह...

CNG की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ा कारण इसका लो रनिंग कॉस्ट और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत है. प्रति किलोमीटर CNG का खर्च पेट्रोल से लगभग 40-50 प्रतिशत तक कम होता है. हालांकि CNG वेरिएंट की कीमत पेट्रोल कार से करीब 80 हजार से 1 लाख रुपये ज्यादा होती है, लेकिन जो लोग साल में 15,000 से 20,000 किलोमीटर तक गाड़ी चलाते हैं, वो नई कार खरीदने में खर्च किए एक्स्ट्रा पैसे 18 महीनों के भीतर निकाल लेते हैं.

पिछले कुछ सालों में सीएनजी सीएनजी पंपों की संख्या देश भर में तेजी से बढ़ी है. महानगरों से लेकर छोटे शहर और कस्बों में भी अब CNG आसानी से उपलब्ध है. देश भर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क 600 से ज्यादा शहरों तक फैल चुका है, जो तीन साल पहले करीब 300 शहरों तक ही सीमित था. इससे लोगों के लिए CNG भरवाना आसान हो गया है और इसका इस्तेमाल बढ़ा है.

वित्त वर्ष-26 में देश भर में वाहनों की बिक्री का आंकड़ा 3 करोड़ के करीब पहुंच गया है. Photo: ITG

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर भी साफ दिख रहा है. FADA के अनुसार 36.5 प्रतिशत डीलर्स का कहना है कि बढ़ते फ्यूल प्राइस ग्राहकों के फैसले को प्रभावित कर रहे हैं. वहीं 56.9 प्रतिशत डीलर्स ने बताया कि CNG और EV में लोगों की रुचि तेजी से बढ़ रही है. कार कंपनियों ने भी इस ट्रेंड को समझते हुए अपने CNG पोर्टफोलियो को बढ़ाया है. 

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CNG में है कई ऑप्शन

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी अपनी ज्यादातर कारों में फैक्ट्री-फिटेड CNG ऑप्शन दे रही है. दूसरी ओर हुंडई की कारों में भी सीएनजी ऑप्शन मिलता है, जिसमें ऑरा, आई और एक्स्टर जैसे मॉडल शामिल हैं. इसके अलावा अब तक सीएनजी से दूर रहने वाला टाटा मोटर्स ने सीएनजी सेगमेंट में कम्पटीशन को और बढ़ा दिया है. कंपनी ने हाल ही में दुनिया की पहली CNG ऑटोमेटिक कार (टिएगो और टिगोर) को भी लॉन्च किया है. इसके अलावा बेस्ट सेलिंग मॉडल नेक्सन, पंच, कर्व भी सीएनजी किट के साथ आ रहे हैं. 

सीएनजी की बढ़ती डिमांड को देखते हुए कुछ वाहन निर्माता जो सीधे कंपनी फिटेड मॉडल नहीं पेश कर रहे हैं, वो भी डीलरशिप लेवल पर सीएनजी रेट्रो-फिटमेंट उपलब्ध करा रहे हैं. निसान, होंडा और रेनॉ इसमें प्रमुख है. अब तक हैचबैक और सेडान तक सीमित रहने वाला सीएनजी व्हीकल पोर्टफोलियो एसयूवी तक पहुंच गया है. इस समय बाजार में मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाईराइडर, टाटा नेक्सन, हुंडई एक्सटर और यहां तक की मारुति ब्रेजा भी सीएनजी के साथ आ रही है. 

टाटा मोटर्स ने इस वित्तीय वर्ष में 1.72 लाख यूनिट से ज्यादा सीएनजी कारों की बिक्री की है. जो सालाना आधार पर 24% की बढ़त है. अब CNG कारें 5 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं. इससे खरीदारों के पास ज्यादा विकल्प आ गए हैं और CNG अब सिर्फ एंट्री लेवल नहीं, बल्कि प्रीमियम सेगमेंट तक पहुंच चुका है.

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मार्च में वाहनों की बिक्री का आंकड़ा तकरीबन 27 लाख तक पहुंच चुका है. Photo: ITG

अब टू-व्हीलर में भी CNG 

सीएनजी की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं, कारों के अलावा अब टू-व्हीलर भी सीएनजी गैस पर दौड़ने लगे हैं. हाल ही में बजाज ऑटो दुनिया की पहली सीएनजी बाइक Bajaj Freedom 125 लॉन्च की थी. जिसकी शुरुआती कीमत 95,000 रुपये (एक्स-शोरूम) है. इसमें सीएनजी और पेट्रोल दोनों का ऑप्शन मिलता है. इस बाइक में 2 किग्रा का सीएनजी टैंक और 2 लीटर का पेट्रोल टैंक दिया गया है. 

कंपनी का दावा है कि, ये बाइक फुल टैंक (पेट्रोल+सीएनजी) में 330 किमी तक की ड्र्राइविंग रेंज देता है. माइलेज की बात करें तो ये बाइक 1 किग्रा सीएनजी में 102 किमी और एक लीटर पेट्रोल में 67 किमी का माइलेज देती है. दूसरी ओर टीवीएस ने भी बीते भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में Jupiter CNG से पर्दा उठाया था. फिलहाल कंपनी इस स्कूटर पर काम कर रही है और बहुत जल्द ही इसे भी बाजार में उतारा जाएगा. 
 

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