हिमाचल: बेमौसम बारिश-बर्फबारी से किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, सेब की फसल को नुकसान

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में हाल ही में हुई बर्फबारी से सेब के बागानों को भारी नुकसान पहुंचा है. भारी बर्फबारी से सेब के पेड़ टूट गए हैं. फूल और कलियां भी खराब हो रही हैं. इससे किसानों की टेंशन बढ़ गई है.

Advertisement
बर्फबारी से सेब की फसल को नुकसान (फाइल फोटो- ITG) बर्फबारी से सेब की फसल को नुकसान (फाइल फोटो- ITG)

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:43 PM IST

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी से सेब के बागानों को भारी नुकसान हुआ है. बागी, रत्नारी, बलसान और चोपाल जैसे प्रमुख सेब उत्पादक क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी से फसल बर्बाद हो गई है. बागी के एक सेब किसान ने बताया कि बर्फबारी के कारण एंटी-हेल नेट (ओले रोकने वाले जाल) पर तीन से चार इंच तक बर्फ जमा हो गई. जिससे वजन इतना ज्यादा हो गया कि बांस के सहारे भी टूट गए और कई पेड़ भी खराब हो गए हैं.
 
रत्नारी के सेब बागवान सतपाल चौहान ने कहा कि बर्फबारी सिर्फ पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचा रही है, बल्कि इस साल की फसल को भी बुरी तरह प्रभावित करेगी. ठंड से गुलाबी कलियां और फूल खराब होने की संभावना है. जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

Advertisement

बता दें कि पिछले कुछ दिनों में शिमला समेत हिमाचल के ऊंचे इलाकों में ओले भी पड़े हैं, जिससे पहले ही काफी नुकसान हो चुका है. अब इस नई बर्फबारी से स्थिति और खराब हो गई है. सतपाल चौहान ने कहा कि सेब की फसल के लिए मौसम अब बहुत अनिश्चित हो गया है. अप्रैल 2022 में भी ऐसी ही बर्फबारी हुई थी. अस्थिर मौसम में बागवानों के सामने चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं.

ऊंचाई वाले इलाकों में सेब की खेती मुख्य रूप से की जाती है. इन क्षेत्रों में सेब के फूल आने का वक्त है. इस समय ठंड और बर्फबारी से फूल और कलियां दोनों प्रभावित हो रहे हैं. अगर परागण यानी pollination नहीं हुआ तो सेब की पैदावार बहुत कम हो जाएगी. इस बीच मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में अगले कुछ दिनों तक ठंड और बर्फबारी की आशंका जताई है. ऐसे में सेब किसानों को और सतर्क रहने की जरूरत है.

Advertisement

बता दें कि यह लगातार दूसरा साल है जब अप्रैल में अनियमित मौसम ने हिमाचल के सेब किसानों को परेशान किया है. दरअसल, सेब हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. अगर इस साल भी फसल प्रभावित हुई तो पूरे राज्य पर इसका असर पड़ेगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement