ताइवान पर भड़का चीन इन दिनों दक्षिण चीन सागर के पास दबंगई दिखा रहा है. बीते कई दिनों से वह ताइवान को घेरकर लाइव फायर ड्रिल कर रहा है. चीन की इस दबंगई का जवाब देने के लिए ऑस्ट्रेलिया के समुद्री इलाके में बहुत बड़ा युद्धाभ्यास शुरू होने वाला है. कल यानी 19 अगस्त से शुरू होने वाले इस युद्धाभ्यास में भारत समेत 17 देश शामिल होने वाले हैं. युद्धाभ्यास में शामिल देश वैसे साफ कर रहे हैं कि इस ड्रिल का चीन से कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन इसपर सबकी नजर है.
पिच ब्लैक नाम का ये अभ्यास 19 अगस्त से 6 सितंबर तक होगा. इसमें लगभग 100 लड़ाकू विमान और 2,500 सैन्यकर्मी हिस्सा लेंगे. कोरोना काल के बाद ये लोकतांत्रिक देशों का सबसे बड़ा शक्तिप्रदर्शन होगा. भारतीय वायु सेना इस युद्धाभ्यास के लिए सुखोई 30 MKI और हवा में ही विमानों में ईंधन भरने वाले विमानों को भेज रही है.
कौन-कौन से देश शामिल?
इस युद्धाभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, भारत, जापान, मलेशिया, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका हिस्सा लेने वाले हैं. इन देशों ने साफ कर दिया है कि ये युद्धाभ्यास चीन के खिलाफ नहीं है. मगर ये भी साफ है कि ये लोकतंत्र की रक्षा के लिए और ताइवान में लोकतंत्र की रक्षा का मुद्दा बड़ा है.
As the contingent moves into Darwin base for , heartfelt thanks to our friends from the French Air & Space Force for the enroute aerial refuelling support.
Merci beaucoup!
— Indian Air Force (@IAF_MCC)
बता दें कि यूएस स्पीकर नैंसी पेलोसी और फिर अमेरिकी सांसदों के दौरे से चिढ़े चीन ने ताइवान के आसपास मिलिट्री ड्रिल की थी. चीन ने कई दिनों तक ऐसा युद्धाभ्यास किया था कि दक्षिण चीन सागर में कर्फ्यू के हालात थे. इसके बावजूद कि ये व्यापार का व्यवस्ततम समुद्री मार्ग है, चीन की दबंगई ने जहाजों की आवाजाही बंद कर दी थी.
इस बीच चीन ने ना सिर्फ ताइवान की समुद्री और वायु सीमा का उल्लंघन किया बल्कि उसके बेहद करीब से जिंदा हथियारों से फायर किया. इससे न केवल ताइवान की सुरक्षा खतरे में पड़ती है बल्कि दूसरे देशों के जहाजों को भी खतरा पैदा होता है. ऐसे में समुद्री इलाके में अब चीन के बाद बाकी देश अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे.
ताइवान भी तैयार
चीन की चालबाजी को लेकर ताइवान भी अब पूरी तरह से तैयार है. ड्रैगन के खिलाफ ताइवान ने भी अपने तेवर दिखा दिए हैं. उसने साफ कर दिया है कि ताइवान चीन से डरेगा नहीं बल्कि लड़ेगा. चीन की मिलिट्री एक्सरसाइज के जवाब में ताइवान में भी बुधवार रात को युद्धाभ्यास किया गया. ड्रैगन को दिखाते हुए हुए उसके F-16 V विमानों ने उड़ान भरी. ये विमान मिसाइलों से पूरी तरह से लैस थे.
ताइवान अपनी तरफ से तैयार तो कर रहा है लेकिन जिस तरह से चीन की चालबाजी बढ़ती जा रही है वो अमेरिका समेत सारी दुनिया के लिए चिंता का विषय है. चीन बेकाबू होता जा रहा है, अमेरिका ने उसे हद में रहने की चेतावनी दी है.
अमेरिका के सातवें बेड़े के कमांडर कार्ल थॉमस ने कहा है कि चीन के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है नहीं तो उसके हौसले बढ़ते चले जाएंगे. इस बीच अमेरिका ने 10 हजार किमी तक अचूक वार करने वाली अपनी मिनटमैन 3 मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. ये भी चीन को अमेरिका की एक बड़ी चेतावनी है.
(इनपुट- आजतक ब्यूरो)