सादिक खान (Sadiq Khan) ब्रिटिश राजनेता और वकील हैं, जो 2016 में लंदन (London) के पहले मुस्लिम मेयर बने. राजनीति में अपनी पहचान बनाने से पहले खान ने मानवाधिकार वकील के तौर पर नाम कमाया.
सादिक खान का जन्म 8 अक्टूबर 1970 को लंदन में एक साधारण परिवार में हुआ था. वे आठ भाई-बहनों में पांचवें नंबर पर हैं. उनके माता-पिता पाकिस्तान से इंग्लैंड आए थे और लंदन में बस गए थे. उनका बचपन एक किराए के काउंसिल फ्लैट में गुजरा. उनके पिता बस ड्राइवर थे और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य थी.
पढ़ाई में तेज सादिक खान ने यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ लंदन से लॉ की पढ़ाई की और 1994 में वकील बने. वे मानवाधिकार मामलों में विशेषज्ञ थे और अक्सर पुलिस व सरकारी विभागों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ते थे. इसी साल उन्होंने राजनीति में कदम रखा और लेबर पार्टी से स्थानीय पार्षद चुने गए.
इसके बाद उनकी राजनीतिक यात्रा तेजी से आगे बढ़ी. 2005 के आम चुनाव में वे लेबर पार्टी के टिकट पर हाउस ऑफ कॉमन्स पहुंचे. यही चुनाव वह साल था जब लेबर पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर भी सरकार बनाई.
आज सादिक खान न केवल ब्रिटेन की राजनीति में एक बड़ा नाम हैं, बल्कि वे उन प्रवासी परिवारों के लिए भी प्रेरणा हैं, जो कठिनाइयों के बावजूद मेहनत और लगन से आगे बढ़ना चाहते हैं.
लंदन के मेयर सादिक खान ने ताजा आंकड़ों के हवाले से कहा कि शहर में हत्या और हिंसक अपराधों में बड़ी गिरावट आई है. लंदन आज भी पर्यटन, संस्कृति, खेल, निवेश और शिक्षा के क्षेत्र में बेहद सफल है. उन्होंने लंदन को विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ बताया और कहा कि उदार, प्रगतिशील और विविधता से भरा शहर होने की वजह से लंदन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोच के उलट है.