फ़िरहाद हकीम (Firhad Hakim) पश्चिम बंगाल से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य हैं. 2026 के विधानसभा चुनाव में वह कोलकाता पोर्ट सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. साल 2018 से वह कोलकाता के मेयर पद पर कार्यरत हैं. वे भारत की आजादी के बाद कोलकाता के पहले मुस्लिम मेयर बने. वे पश्चिम बंगाल सरकार के शहरी विकास और नगर निगम मामलों और आवास के कैबिनेट मंत्री हैं. फ़िरहाद हकीम कोलकाता पोर्ट से तृणमूल कांग्रेस पार्टी के विधायक हैं.
हकीम 2009 में पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए चुने गए थे. दो साल बाद, वे ममता बनर्जी मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री बने. दिसंबर 2018 में, उन्हें सोवन चटर्जी के इस्तीफे के बाद मेयर नियुक्त किया गया था. हकीम ने वाणिज्य में डिग्री के साथ हेरम्बा चंद्र कॉलेज से स्नातक किया है. वह चेतला अग्रनी दुर्गा पूजा समिति के मुख्य आयोजक हैं.
फ़िरहाद हकीम का जन्म 1 जनवरी 1959 में हुआ था. उनके दादा बिहार के गया जिले से कोलकाता चले गए और अपना व्यवसाय शुरू किया. उनके पिता अब्दुल हकीम कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के कानून अधिकारी थे. उनकी शादी इस्मत हकीम से हुई है. उनकी तीन बेटियां हैं- प्रियदर्शिनी, शब्बा और अफशा. वे दक्षिण कोलकाता के एक इलाके चेतला में रहते हैं. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर बॉबी सिम्पसन के नाम पर उनका उपनाम बॉबी रखा गया है.
ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर की जुगलबंदी से मुस्लिम वोट बंटने के कयासों को खारिज किया है. उन्होंने टीएमसी की जीत का दावा करते हुए कहा है कि बंगाल, गुजरात नहीं होगा. बंगाल, यूपी नहीं बनेगा.