Suryakumar Yadav
1983, 2011
2013, 2025
2007, 2024
भारतीय क्रिकेट टीम का प्रबंधन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा किया जाता है। भारत में पहला मैच 1721 में हुआ जब पश्चिमी भारत में नाविकों ने क्रिकेट खेला। लेकिन, 25 जून 1932 को इंग्लैंड के प्रसिद्ध लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर भारत ने अपना पहला आधिकारिक टेस्ट मैच खेला। भारत छठा देश था जिसने टेस्ट क्रिकेट खेला। वे अपने घर में मजबूत रहे हैं लेकिन बाहर के दौरों पर कम सफल रहे हैं। अपने पहले 50 वर्षों में, भारत ने 196 में से केवल 35 मैच जीते। हालांकि, हाल ही के वर्षों में चीजें बहुत सुधर गई हैं।
सुनील गावस्कर और कपिल देव जैसे खिलाड़ियों के उभरने के साथ भारतीय क्रिकेट और मजबूत हुआ। 1983 का आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप भारतीय खेल इतिहास में एक बड़ा पल था। सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले और सौरव गांगुली जैसे खिलाड़ियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ देश के लिए बहुत गौरव लाया।
महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, ज़हीर खान और हरभजन सिंह जैसे नए खिलाड़ियों का समूह बहुत सफल रहा। 2007 में पहले आईसीसी वर्ल्ड ट्वेंटी20 जीतना एक खास पल था। लेकिन सबसे बड़ा उपलब्धि 2 अप्रैल 2011 को आई जब भारत ने वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में श्रीलंका को हराकर 2011 आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता। धोनी के नेतृत्व में, भारत ने 28 साल बाद इतिहास रचा।
2013 में, धोनी एकमात्र कप्तान बने जिन्होंने सभी तीन प्रमुख आईसीसी ट्रॉफी जीतीं जब भारत ने इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी जीती। कुछ खराब बाहर के प्रदर्शन के बाद धोनी ने 2014 में टेस्ट कप्तान पद से इस्तीफा दे दिया। भारत 2014 टी20 वर्ल्ड कप में उप-विजेता रहा, फाइनल में श्रीलंका से हार गया।
2007 वर्ल्ड कप को छोड़कर, भारत सामान्यत: आईसीसी इवेंट्स में अच्छा प्रदर्शन करता रहा है। 2015 वर्ल्ड कप में, उन्होंने आक्रामक क्रिकेट खेला लेकिन सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गए। एमएस धोनी ने छोटे प्रारूपों के कप्तान पद से इस्तीफा दे दिया और विराट कोहली को कप्तानी सौंपी गई। कोहली के नेतृत्व में, भारत 2017 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा लेकिन विरोधियों से हार गया। टेस्ट क्रिकेट में, भारत का प्रदर्शन विशेष रूप से घर में उत्कृष्ट रहा है। वे आईसीसी टेस्ट मेस के धारक हैं और 71 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला जीतकर इतिहास रचा, जो किसी भी एशियाई टीम के लिए पहला था।
भारतीय क्रिकेट का ढांचा पिछले दशक में बहुत सुधर गया है। कई युवा खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग में और महान खिलाड़ियों के साथ खेलने का अच्छा अनुभव मिलता है। इसके परिणामस्वरूप, भारत का बेंच स्ट्रेंथ अब क्रिकेट में सबसे मजबूत में से एक है।